जाओ रानी याद रखेंगे हम कृतज्ञ भारतवासी,
यह तेरा बलिदान जगावेगा स्वतंत्रता अविनाशी,
होवे चुप इतिहास, लगे सच्चाई को चाहे फाँसी,
हो मदमाती विजय, मिटा दे गोलों से चाहे झाँसी,
तेरा स्मारक तू ही होगी,
तू खुद अमिट निशानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी।
QUESTION:
Q.1. यहाँ रानी के कहाँ जाने की बात हो रही है?
(A) स्वर्ग (B) झाँसी में (C) भारत से बाहर (D) अपने घर
Q.2. रानी का बलिदान हमारे हृदयों में कैसी स्वतंत्रता का भाव पैदा करता है?
(A) अस्थाई (B) चिरस्थाई (C) घूमने-फिरने की स्वतंत्रता (D) मत देने की आज़ादी
Q.3. भारतवासी क्या करेंगे?
Q.4. रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान भारतीयों के मन में कैसी स्वतंत्रता का भाव जगाता है?