Question
चेतक शत्रु की सेना पर किस प्रकार टूट पड़ता था ?

Answer

चेतक शत्रु की सेना पर वज्र की भाँति टूट पड़ता था।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना'
क्या वे एक-दूसरे का हाथ बँटाते हैं?
नीचे दिए वाक्यों में कार्य के ढंग या रीति से संबंधित क्रियाविशेषण छाँटो।
तेजिंदर सहमकर कोने में बैठ गया।
‘जगमग छटा निराली’ शब्दों का क्या अर्थ है ?
वाक्य किसे कहते हैं? परिभाषित कीजिए। 
कविता में किसे जलाने और किसे बुझाने की बात कही गई है?
वाक्यों में से क्रिया-विशेषण छाँटकर उनके भेद लिखिए : चिड़िया रस उड़ेलकर गाती है। 
बर्लिन ओलंपिक में जब ध्यानचंद कप्तान बने तो वे सेना के किस पद पर थे ?
भारत की धरती पर किस-किस महापुरुष ने जन्म लिया? कविता के आधार पर बताइए ।
निम्न वाक्य में काले (मोटे) पदों के कारक बताइए : श्यामा के लिए पुस्तकें चाहिए। 
अब और कितनी दूर चलना है, पर्णकुटी कहाँ बनाइएगा-किसने किससे पूछा और क्यों?