हेनरी फेयोल की जीवनी
हेनरी फेयोल का जन्म सन् 1841 में फ्रांस में हुआ था। इन्हें 'सामान्य प्रबन्ध का जनक' माना जाता है। फेयोल पेशे से खनन इंजीनियरिंग में प्रबन्ध विषय के सिद्धान्तकार माने जाते हैं। प्रबन्ध की क्लासिकल विचारधारा के विकास में फेयोल द्वारा प्रतिपादित प्रशासनिक सिद्धान्त महत्त्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। जहाँ टेलर ने कारखाने में कार्यशाला स्तर पर श्रेष्ठतम कार्य पद्धति की रचना करने, दिन का उचित कार्य निश्चित करने, विभेदात्मक मजदूरी प्रणाली एवं क्रियात्मक फोरमैनशिप के रूप में कार्य करने में क्रान्ति लाने में सफल रहा, वहीं फेयोल ने यह समझाया कि प्रबन्धक का क्या कार्य है एवं इसे पूरा करने के लिए किन सिद्धान्तों का पालन किया जायेगा?
हेनरी फेयोल (1841-1925) फ्रांसीसी प्रबन्ध सिद्धान्तकार था जिसके श्रम वैज्ञानिक संगठन से सम्बन्धित सिद्धान्तों का 20वीं सदी के प्रारम्भ में व्यापक प्रभाव था। वे सन् 1860 में सैंट ऐटेने की खनन अकादमी से खनन इंजीनियरिंग में स्नातक हुए।
फेयोल ने खनन कम्पनी 'कम्पेने डी कमैन्टरी फोरचम्बीन डीकैणे विल्ले' में कार्य प्रारम्भ किया तथा अन्त में 1888 से 1918 तक प्रबन्ध निदेशक के पद पर रहे। उनके सिद्धान्त उत्पादन संगठन के प्रतियोगी उद्यम जो जिसे उत्पादन लागत को नियंत्रण में रखना होता है, के सन्दर्भ में प्रयुक्त किये जाते हैं। अधिकांश रूप से अपने स्वयं के अनुभव के आधार पर उन्होंने प्रशासन की अवधारणा को विकसित किया। उनके द्वारा प्रतिपादित 14 सिद्धान्तों पर 1917 में प्रकाशित पुस्तक 'एडमिनिस्ट्रेशन इंडस्ट्रेली एट जनरैली' में चर्चा की गई थी। सन् 1949 में यह अंग्रेजी में जनरल एण्ड इण्डस्ट्रीयल मैनेजमेन्ट के शीर्षक से प्रकाशित हुई। फेयोल के योगदान के कारण ही उन्हें 'सामान्य प्रबन्ध का जनक' कहा जाता है।