चाँदनी रात का आनंद लेनेवाला और फूलों की छाया में पलनेवाला व्यक्ति सांसारिक दृष्टि से भाग्यवान होता है, ऐश-आराम का जीवन उसे सुंदर-कोमल बना देता है, परंतु ऐसे व्यक्ति में साहस और पौरुष नहीं होता। पौरुष पाने के लिए कष्टों का अमृत पीना पड़ता है, आंधी और धूप सहन करनी पड़ती है। संघर्षों में जी कर विघ्नों पर विजय पानेवाला व्यक्ति हो पुरुष कहलाता है।