Question
कैसा व्यक्ति पुरुष नहीं कहला सकता?

Answer

चाँदनी रात का आनंद लेनेवाला और फूलों की छाया में पलनेवाला व्यक्ति सांसारिक दृष्टि से भाग्यवान होता है, ऐश-आराम का जीवन उसे सुंदर-कोमल बना देता है, परंतु ऐसे व्यक्ति में साहस और पौरुष नहीं होता। पौरुष पाने के लिए कष्टों का अमृत पीना पड़ता है, आंधी और धूप सहन करनी पड़ती है। संघर्षों में जी कर विघ्नों पर विजय पानेवाला व्यक्ति हो पुरुष कहलाता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

‘लाख प्रयत्न करने पर बिगड़ी हुई बात नहीं बनती ।‘ ऐसा रहीम किस उदहारण से समजाते है ?
कर्ण गरुड़ को अपना आदर्श क्यों मानता है? अथवा कर्ण स्वयं को गरुड़ क्यों मानता है?
‘युग और में’ कविता का संदेश लिखिए ।
ऐसी स्थिति में आप क्या कर सकते हैं ?जब मौत सभी को निगल रही हो? चारो ओर अत्र-तत्र सर्वत्र आग लगी हो, हुत्याएँ हो रही हों।
वीरो का कैसा है वसन्त - “ इस पंक्ति को अपने शब्दों में कविता के आधार पर समझाइए।
“ है कलम बधी स्वच्छंद नहीं “ ससंदर्भ समजाईए ।
कविता में कवि  ने किन प्राकुतिक द्रश्यो का चित्रण किया है ? कैसे ?
वृक्ष  और सरोवर के उदाहरण से रहीम हमें क्या समझाते है ?
सूरदास अपने आपको क्यों धन्य मानते हैं?
प्रस्तुत कविता ‘धरती की शान’ में मनुष्य के प्रति किस भाव कि अभिव्यक्ति हुई है, और उससे हमें क्या प्रेरणा मिलती है ?