Question
खान, पान, सम्मान, राग $................$ मनहि न भावै।

Answer

स्वप्रयत्न

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सद्यः जात $................$ तो भाग नहीं सकता था।
छोटे जादूगर के अभाव में ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾थी।(पथ्य, लट्टू, संपूर्णता, शरबत, हावड़ा, वाचालता)
$................$ झरते बेला$-$कलि बढ़ती प्रतिपल।
लाला झाऊलाल अपना ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾पीकर पानी पीने लगे।(उल्का, गुस्सा, तिलमिला, आँख, मरे, प्रसन्नता, वजू, सांगोपांग)
सूरदास तब बिर्हसि जसोदा, लै उर ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾ लगायो।(बंसीबट, धरनि, कंठ, बलदेवहिं, माखन)
$...........$ थोड़ा ही खाया जाता है।
ताजगी ही $...........$ है और बासीपन मृत्यु ।
मगर यह कोई जरूरी नहीं कि‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾पैसा साथ लेकर आए।(ऑलिवन, हॉकी, जुझारू, शोहरत, मास्टर, घास)
शावक $................$ तो था ही उसके बचने की आशा भी धूमिल थी।
न्यायाधीश के सामने दोनों एक-दूसरे पर ‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾करने लगे।(पापबुद्धि, धन, निर्धनता, दोषारोपण, कपर, बुद्धिमत्ता, खोखले, देवता)