Question
'कर्मवीर कथा' का सारांश लिखें।

Answer

'कर्मणि वीरः इति कर्मवीरः' अर्थात् अपने कर्मों में जो परम शौर्य और वीरता की भावना दिखाता है उसे ही कर्मवीर की संज्ञा दी जा सकती है। ऐसा ही कर्मवीर दलित परिवार में जन्मा बालक रामप्रवेश राम था। रामप्रवेश राम की खेल गतिविधियों में आपात रमणीयता का गुण देखकर शिक्षक महोदय उसे अपने साथ लाते हैं और पढ़ाना शुरू कर देते हैं। बालक भी उनकी शिक्षण शैली से प्रभावित होकर अध्ययन की तप की भट्टी में तपकर कुंदन बन जाता है। अभाव की पूर्ति छात्रवृत्ति और छोटे बालकों को शिक्षित कर पूरा करता है और विद्यालय से विश्वविद्यालय तक की शिक्षा उत्तम श्रेणी से उत्तीर्ण करता है। साथ ही केन्द्रीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी उत्तीर्ण करता है और साक्षात्कार मंडल के सदस्य भी उसकी अदम्य इच्छाशक्ति और अगाध परिश्रम से प्रभावित हुए बिना नहीं रहते और वह प्रशासनिक सेवा के लिए चुन लिया जाता है।
जब प्रशासनिक क्षमता और संकट काल में त्वरित निर्णय लेने की शक्ति से उसकी लोकप्रियता न केवल राज्य सेवा बल्कि केन्द्रीय सेवा में भी प्रशंसित हुई। सच ही कहा गया है कि लक्ष्मी उद्योगी पुरुषों के ही भाग्य में आती है।

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