Question
कवि कैसे 'मांगल्य' की आराधना करते हैं?

Answer

'मांगल्य' अर्थात् सबका कल्याण। कवि चाहते हैं कि सब लोग सत्य के मार्ग पर चलें, सबके मन में सुंदर विचार आएँ और सब एक-दूसरे के कल्याण की बात सोचें। इस तरह कवि सबके कल्याण की कामना करते हुए मांगल्य की आराधना करते हैं।

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