Question
पाठ को ‘ अंधेरी नगरी’ शीर्षक क्यों दिया गया ?

Answer

पाठ का ‘ अंधेरी नगरी’ शीर्षक यथायोग्य दिया गया है । इस नगरी में सभी चीजो के दाम एक समान है । यहाँ सच और झुठ में कोई भेद नहीं किया जाता ।यहाँ न कोई कानून है न व्यवस्था । अपराध कोई करता है और दंड किसी और को दिया जाता है । टके सेर भाजी टके सेर खाजा । भाजी और मिठाई का दाम समान है । यहाँ कोई चीज कीमती नहीं, कोई मामूली नहीं । सभी का मूल्य एक समान । उस नगरी के राजा को कीमती और मामूली चीजो का भेद ही मालूम नहीं । ऐसा राजा अंधा ही कहा जाता है । उसका फैसला भी अंधा होता है । अंधे राजा की अंधेरी नगरी होती है । इसतरह पाठ को ‘ अंधेरी नगरी ‘ शीर्षक दिया गया है ।

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