Question
'प्रबन्ध का विस्तार' मद किसका द्योतक है?

Answer

प्रबन्ध का विस्तार अधिकार अन्तरण से कोई प्रबन्धक अपने दायित्व से मुक्त नहीं होता। अतः उसे सौंपे गये अधिकारों का उचित उपयोग करवाने के लिए अपने अधीनस्थों का निरन्तर निर्देशन व नियन्त्रण करना पड़ता है। प्रत्येक व्यक्ति की नियन्त्रण क्षमता सीमित होती है और एक समय में वह अनगिनत व्यक्तियों के कार्यों का नियन्त्रण नहीं कर सकता, क्योंकि उसके पास सीमित समय, सीमित ज्ञान तथा सीमित अवलोकन शक्ति होती है। नियन्त्रण क्षमता की सीमा का अर्थ अधीनस्थों की ऐसी संख्या जिन पर एक प्रबन्ध प्रभावशाली नियन्त्रण रख सकता है।

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