Question
‘रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।’

Answer

लोग प्रायः बड़ों को महत्त्व देते हैं। समाज में धनीमानी लोगों को आदर-सम्मान दिया जाता है। गरीबों को लोग उपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं। उपयोगिता की दृष्टि में देखें तो गरीब लोगों का काम भी कम महत्त्व का नहीं होता। किसान, मजदूर तथा छोटे काम करनेवाले जो देश की बहुमूल्य सेवा करते हैं, वह ऊंचे तबकेवाले नहीं कर सकते। इसलिए हमें बड़े लोगों को मान देते समय निम्नस्तर के लोगों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

देहमंदिर चित्तमंदिर एक ही है प्रार्थना।
सत्य सुंदर मांगल्य की नित्य हो आराधना ॥
नाथ तू अनाथ को, अनाथ कौन मोंसो?
मो समान आरत नहि, आरतिहर तोसो॥
‘काम के पीछे बुखार भागे।’
राम रहीम ना जुदा करो भाई, दिल को सच्चा रखना जी…
सूरज पश्चिम की ओर झुक गया।
मैं गरुड़, कृष्ण ! मैं पक्षिराज, सिर पर न चाहिए मुझे ताज,दुर्योधन पर है विपद धोर, सकता न किसी विध उसे छोड, रणखेत पाटना है मुझको, अहिपाश काटना है मुझको।
संत मिले सुख उपजे, दुष्ट मिले दुःख होय।
सेवा किजे संत की, तो जनम् कृतार्थ सोय ॥
देव, दनुज, मुनि, नाग, मनुज, सब मायाबिबस बिचारे।
तिनके हाथ दासतुलसी प्रभु, कहा अपनपौ हारे ॥
चंदन विष व्याप्त नहीं, लपटे रहत भुजंग।
धरती की शान,
तू भारत की संतान
तेरी मुढ़ियों में
बंद तूफान है रे