Question
"समन्वय सर्वव्यापी कार्य है।" कैसे?

Answer

समन्वय सर्वव्यापी कार्य है-संगठन में विभिन्न विभागों की क्रियाएँ प्रकृति से एक-दूसरे पर निर्भर करती हैं। इसलिए समन्वय की आवश्यकता प्रबन्ध के सभी स्तरों पर होती है। समन्वय विभिन्न विभागों एवं विभिन्न स्तरों के कार्यों में एकता स्थापित करता है। संगठन के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए स्मिता को क्रय, उत्पादन एवं विक्रय विभागों के कार्यों में समन्वय करना होता है। क्रय विभाग का कार्य कपड़ा खरीदना है। यह उत्पादन विभाग की क्रियाओं के लिए आधार बन जाता है और अन्त में विक्रय सम्भव हो पाता है। यदि कपड़ा घटिया गुणवत्ता वाला है या फिर उत्पाद विभाग द्वारा निर्धारित विशिष्टताएँ लिये हुए नहीं है तो इससे आगे की बिक्री कम हो जायेगी। यदि समन्वय नहीं है तो क्रियाओं में एकता एवं एकीकरण के स्थान पर पुनरावृत्ति एवं अव्यवस्था होगी।

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