Question
सोने के कंगण को देखकर पथिक ने क्या सोचा?

Answer

लोभ से ग्रसित पथिक ने सोने के कंगन को देखकर यह सोचा कि भाग्य से ही ऐसा अवसर प्राप्त होता है, परन्तु घातक पशु के हाथों से दान लेना मृत्युकारक भी हो सकता है। परन्तु उसने यह भी सोचा कि धनप्राप्ति में तो संशय बना ही रहता है तो क्यों न एक अवसर लेकर व्याघ्र की सत्यवादिता की परीक्षा कर ली जाए।

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