Question
यह कल्पना बुरी बला है।

Answer

मनुष्य तरह-तरह की कल्पनाएँ करता है। निरर्थक कल्पना : करना हवा में तीर मारने के समान होता है। कल्पना का तब तक कोई – उपयोग नहीं होता, जब तक उसे कार्य रूप में परिणत न किया जाए। : इसलिए मन बहलाव के लिए तरह-तरह की कल्पनाएं करना बुरी बला ही है।

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