कार्तिक आया नहीं कि बालगोबिन भगत की प्रभातियाँ शुरू हुईं, जो फागुन तक चला करतीं। इन दिनों वह सबेरे ही उठते। न जाने किस वक्त जगकर वह नदी-स्नान को जाते, गाँव से दो मील दूर। वहाँ से नहा-धोकर लौटते और गाँव के बाहर ही, पोखरे के ऊँचे भिंडे पर अपनी खैजड़ी लेकर जा बैठते और अपने गाने टेरने लगते। खेत, बगीचा, घर-सब पर कुहासा छा रहा था। सारा वातावरण अजीब रहस्य से आवृत मालूम पड़ता था। उस रहस्यमय वातावरण में एक कुश की चटाई पर पूरब मुह, काली कमली ओढ़, बालगोबिन भगत अपनी खैजड़ी लिए बैठे थे। उनके मुह से शब्दों का ताँता लगा था, उनकी अँगुलियाँ खैजड़ी पर लगातार चल रही थीं। मैं जाड़े से कँपकँपा रहा था, किंतु तारों की छाँव में भी उनके मस्तक के श्रमबिंदु, जब-तब चमक ही पड़ते।
(i) प्रभातियाँ किसे कहते हैं?
i) तड़के नहाना
ii) भोर का गीत
iii) सुबह टहलना
iv) बातचीत करना
(क) कथन i सही है।
(ख) कथन ii सही है।
(ग) कथन i, ii, iii व iv सही है।
(घ) कथन ii व iii सही है।
(ii) बालगोबिन भगत की कार्तिक महीने में शुरू होने वाली गतिविधियों में शामिल है-
(क) खंजड़ी बजाना
(ख) सभी विकल्प सही हैं
(ग) जल्दी उठना
(घ) नदी स्रान
(iii) वातावरण को रहस्यमयी क्यों कहा गया हे?
(क)ठंड के कारण
(ख) कुहासे के कारण
(ग) सुहाने मौसम के कारण
(घ) निर्जन स्थान होने के कारण
(iv) लेखक बालगोबिन भगत को देखकर आक्षर्य चकित क्यों हो जाता हे?
(क)ठंड और कुहासे को देखकर
(ख) उनके पागलपन को देखकर
(ग) दिनचर्या और कारनामे को
(घ) उनका गाना सुनकर देखकर
(v) कथन (A): तारों की छाँव में भी उनके मस्तक के श्रमबिंदु, जब-तब चमक ही पड़ते।
कारण (R): कबीर के गानों को पूरी तन्मयता, और नाच-नाच के गाने के ठंड में भी श्रमबिंदु झलकते हैं।
(क) कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
(ख) कथन ( A ) और कारण ( R ) दोनों ही गलत है।
(ग) कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(घ) कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।