Question types

काव्य सूरदास - पद question types

33 questions across 3 question groups — pick any mix to generate a Hindi - A paper with step-by-step answer keys.

33
Questions
3
Question groups
5
Question types
Sample Questions

काव्य सूरदास - पद questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

हरि हैं राजनीति पढ़ि आए।
समुझी बात कहत मधुकर के, समाचार सब पाए।
इक अति चतुर हुते पहिलैं ही, अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए।
बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-सँदेस पठाए।
ऊधौ भले लोग आगे के, पर हित डोलत धाए।
अब अपनै मन फेर पाइहैं, चलत जु हुते चुराए।
ते क्यौं अनीति करें आपुन, जे और अनीति छुड़ाए।
राज धरम तौ यहै 'सूर', जो प्रजा न जाहिं सताए।

(क) गोपियाँ किसे 'मधुकर' कहकर संबोधित कर रही हैं?
(i) उद्धव को
(ii) श्रीकृष्ण को
(iii) भँवरे को
(iv) फूल को

(ख) 'बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-सँदेस पठाए' -पंक्ति में किस पर व्यंग्य किया गया है?
(i) गोपियों पर
(ii) श्रीकृष्ण पर
(iii) उद्धव पर
(iv) भँवरे पर

(ग) गोपियाँ यह क्यों कहती हैं कि श्रीकृष्ण ने राजनीति पढ़ ली है?
(i) श्रीकृष्ण पहले से ही चतुर थे।
(ii) उन्होंने योग-संदेश भेजकर राजनीतिज्ञों की शैली को अपनाया।
(iii) उनकी कथनी और करनी में अंतर आ गया।
(iv) उपर्युक्त सभी ।

(घ) पहले के लोग कैसे थे?
(i) वे धनी थे।
(ii) वे आलसी थे।
(iii) वे दूसरों का भला करते थे।
(iv) वे किसी से कुछ नही कहते थे।

(ङ) गोपियाँ श्रीकृष्ण को राजा का कौन-सा कर्तव्य याद दिलाती हैं?
(i) राजा प्रजा को समझाए।
(ii) राजा प्रजा से बातचीत करे ।
(iii) राजा प्रजा की बात सुने ।
(iv) राजा प्रजा को न सताए।

View full solution
हमारैं हरि हारिल की लकरी।
मन क्रम बचन नंद-नंदन उर, यह दृढ़ करि पकरी।
जागत सोवत स्वप्न दिवस-निसि, कान्ह-कान्ह जक री।।
सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करईई ककरी।
सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी न करी।
यह तौ 'सूर' तिनहिं लै सौंपौ, जिनके मन चकरी।

(क) हारिल की लकरी' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(i) गोपियों के लिए
(ii) श्रीकृष्ण के लिए
(iii) उद्धव के लिए
(iv) पक्षी के लिए

(ख) गोपियों ने 'नंद-नंदन' को कहाँ बसाया हुआ है?
(i) अपने घर में
(ii) अपने हृदय में
(iii) अपने सपनों में
(iv) अपनी यादों में

(ग) गोपियों ने 'ब्याधि' और 'करुई ककरी' किसे कहा है?
(i) श्रीकृष्ण के संदेश को
(ii) हारिल पक्षी को
(iii) उद्धव के ज्ञान और योग के संदेश को
(iv) बीमारी और कड़वी ककड़ी को

(घ) दिन में जागते, रात में सोते हुए, सपनों में गोपियाँ किसकी रट लगाए हुए हैं?
(i) उद्धव की
(ii) गोपियों की
(iii) श्रीकृष्ण-श्रीकृष्ण की
(iv) हारिल पक्षी की

(ङ) 'जिनके मन चकरी'-से क्या आशय है?
(i) जिनका मन चक्कर लगाता रहता है।
(ii) जिनका मन किसी एक के प्रति आस्थावान नहीं है।
(iii) जिनका मन स्थिर है।
(iv) जिनका मन गतिमान है।

View full solution
मन की मन ही माँझ रही।
कहिए जाइ कौन पै ऊधौ, नाहीं परत कही।
अवधि अधार आस आवन की, तन मन बिथा सही ।
अब इन जोग सँदेसनि सुनि-सुनि, बिरहिनि बिरह दही।
चाहति हुतीं गुहारि जितहिं तैं, उत तैं धार बही।
'सूरदास' अब धीर धरहिं क्यौं, मरजादा न लही।
(क) प्रस्तुत काव्यांश में किनके मन की बातें मन में ही रह गईं?
(i) गोपियों के
(ii) श्रीकृष्ण के
(iii) उद्धव के
(iv) कवि के
(ख) गोपियों को क्या आशा थी?
(i) वे श्रीकृष्ण से मिलने जाएँगीं।
(ii) वचन को पूरा करने के लिए श्रीकृष्ण निश्चिय समय-सीमा में लौट आएँगे ।
(iii) वे उद्धव के मुख से संदेश सुनेंगीं।
(iv) वे घूमने जाएँगीं।
(ग) गोपियों की व्यथा क्यों बढ़ गई?
(i) उद्धव को देखकर
(ii) श्रीकृष्ण की बातों को सुनकर
(iii) उद्धव के योग-संदेश को सुनकर
(iv) नदी की धारा को देखकर
(घ) 'मरजादा न लही' के माध्यम से कौन-सी मर्यदा न रहने की बात की जा रही है?
(i) समय की मर्यादा
(ii) घृणा की मर्यादा
(iii) क्रोध की मर्यादा
(iv) प्रेम की मर्यादा
(ङ) पद्यांश में गोपियाँ पाठक के मन में कैसे भाव को जगा रही हैं?
(i) क्रोध के भाव को
(ii) प्रेम की पीर के भाव को
(iii) करुणा के भाव को
(iv) घृणा के भाव को
View full solution
ऊधौ, तुम हौ अति बड़भागी।
अपरस रहत सनेह तगा हैं, नाहिन मन अनुरागी।
पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी।
ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।
प्रीति-नदी मैं पाउँ न बोर्यौ, दृष्टि न रूप परागी।
'सूरदास' अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यौं पागी।

(क) गोपियाँ किसे बड़ा भाग्यवान बता रही हैं?
(i) श्रीकृष्ण को
(ii) उद्धव को
(iii) सखियों को
(iv) प्रजा को

(ख) प्रस्तुत काव्यांश में उद्धव के व्यवहार की तुलना किस-किस से की गई है?
(i) जल तथा रस से
(ii) नदी तथा पत्तों से
(iii) कमल के पत्तों तथा तेल की गागर से
(iv) गुड़ और चींटी से

(ग) तेल की गागर' के दृष्टांत के माध्यम से कवि क्या भाव प्रकट करना चाहते हैं?
(i) तेल की गागर पानी में डूब जाती है।
(ii) तेल की गागर पर जल की बूँदों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
(iii) तेल की गागर पर जल की बूँदों का प्रभाव पड़ता है।
(iv) तेल की गागर पानी पर तैरती रहती है।

(घ) गोपियों के अनुसार उद्धव किससे अछूते हैं?
(i) मित्रों के प्रेम से
(ii) गोपियों के प्रेम से
(iii) कवि के प्रेम से
(iv) श्रीकृष्ण के प्रेम से

(ङ) प्रस्तुत पद्यांश की भाषा कौन-सी है?
(i) अवधी
(ii) संस्कृत
(iii) ब्रजभाषा
(iv) खड़ी बोली

View full solution

Generate a काव्य सूरदास - पद paper free

Pick question groups from the list above, set marks and difficulty, and export a branded PDF with step-by-step answer keys. First 3 chapters free — no signup.

Download App