सवार - आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है?
कर्नल - कंपनी का हुक्म है कि वज़ीर अली को गिरफ्तार किया जाए।
सवार - लेकिन इतना लावलश्कर क्या मायने?
कर्नल - गिरफ़्तारी में मदद देने के लिए।
सवार - वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है साहब।
कर्नल - क्यों?
सवार - वो एक जाँबाज़ सिपाही है।
कर्नल - मैंने भी यह सुन रखा है। आप क्या चाहते हैं?
सवार - चंद कारतूस ।
कर्नल - किसलिए?
सवार - वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए।
कर्नल - ये लो दस कारतूस
सवार - (मुसकराते हुए) शुक्रिया।
कर्नल - आपका नाम?
सवार - वजीर अली। आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ। (ये कहकर बाहर चला जाता है, टापों का शोर सुनाई देता है। कर्नल एक सन्नाटे में है। हक्का-बक्का खड़ा है कि लेफ्टीनेंट अंदर आता है)
लेफ्टीनेंट - कौन था?
कर्नल - (दबी ज़बान से अपने आप से कहता है) एक जाँबाज़ सिपाही।
(क) सवार ने खेमे में आकर कर्नल से क्या पूछा?
(i) सवार ने खेमे में आकर इस स्थान पर खेमा लगाने का कारण पूछा।
(ii) सवार ने खेमे में आकर उसकी पदवी पूछी।
(iii) सवार ने खेमे में आकर कर्नल का हाल-चाल पूछा।
(iv) सवार ने खेमे में आकर उसकी सेना की जानकारी पूछी।
(ख) सवार ने पूछा आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है'- उचित-विराम चिह्न होंगे-
(i) सवार ने पूछा, आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है। इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है?
(ii) सवार ने पूछा "आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है। इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है"?
(iii) सवार ने पूछा, "आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है, इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है"?
(iv) सवार ने पूछा, "आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है"?
(ग) वज़ीर अली को गिरफ़्तार किया जाय।'-वाक्य में रेखांकित पदों में कारक है-
(i) कर्ता कारक
(ii) कर्म कारक
(iii) करण कारक
(iv) संबध कारक
(घ) 'वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था।'- यह किस घटना से सिद्ध होता है?
(i) जब वज़ीर अली ने कर्नल से, उससे ही युद्ध करने के लिए कारतूस लिए।
(ii) जब वज़ीर अली ने कर्नल से वहाँ खेमा लगाने का कारण पूछा।
(iii) जब वज़ीर अली ने कर्नल से खेमे में एकांत चाहा।
(iv) जब वज़ीर अली के जाने के बाद कर्नल बताता है कि सवार कोई और नहीं, वज़ीर अली ही था।
(ङ) प्रस्तुत एकांकी के इस अंश की भाषा है-
(i) खड़ी बोली
(ii) ग्रामीण भाषा
(iii) संस्कृत के शब्दों का प्रयोग
(iv) उर्दू मिश्रित हिंदी
कर्नल - कंपनी का हुक्म है कि वज़ीर अली को गिरफ्तार किया जाए।
सवार - लेकिन इतना लावलश्कर क्या मायने?
कर्नल - गिरफ़्तारी में मदद देने के लिए।
सवार - वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है साहब।
कर्नल - क्यों?
सवार - वो एक जाँबाज़ सिपाही है।
कर्नल - मैंने भी यह सुन रखा है। आप क्या चाहते हैं?
सवार - चंद कारतूस ।
कर्नल - किसलिए?
सवार - वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए।
कर्नल - ये लो दस कारतूस
सवार - (मुसकराते हुए) शुक्रिया।
कर्नल - आपका नाम?
सवार - वजीर अली। आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ। (ये कहकर बाहर चला जाता है, टापों का शोर सुनाई देता है। कर्नल एक सन्नाटे में है। हक्का-बक्का खड़ा है कि लेफ्टीनेंट अंदर आता है)
लेफ्टीनेंट - कौन था?
कर्नल - (दबी ज़बान से अपने आप से कहता है) एक जाँबाज़ सिपाही।
(क) सवार ने खेमे में आकर कर्नल से क्या पूछा?
(i) सवार ने खेमे में आकर इस स्थान पर खेमा लगाने का कारण पूछा।
(ii) सवार ने खेमे में आकर उसकी पदवी पूछी।
(iii) सवार ने खेमे में आकर कर्नल का हाल-चाल पूछा।
(iv) सवार ने खेमे में आकर उसकी सेना की जानकारी पूछी।
(ख) सवार ने पूछा आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है'- उचित-विराम चिह्न होंगे-
(i) सवार ने पूछा, आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है। इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है?
(ii) सवार ने पूछा "आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है। इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है"?
(iii) सवार ने पूछा, "आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है, इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है"?
(iv) सवार ने पूछा, "आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है"?
(ग) वज़ीर अली को गिरफ़्तार किया जाय।'-वाक्य में रेखांकित पदों में कारक है-
(i) कर्ता कारक
(ii) कर्म कारक
(iii) करण कारक
(iv) संबध कारक
(घ) 'वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था।'- यह किस घटना से सिद्ध होता है?
(i) जब वज़ीर अली ने कर्नल से, उससे ही युद्ध करने के लिए कारतूस लिए।
(ii) जब वज़ीर अली ने कर्नल से वहाँ खेमा लगाने का कारण पूछा।
(iii) जब वज़ीर अली ने कर्नल से खेमे में एकांत चाहा।
(iv) जब वज़ीर अली के जाने के बाद कर्नल बताता है कि सवार कोई और नहीं, वज़ीर अली ही था।
(ङ) प्रस्तुत एकांकी के इस अंश की भाषा है-
(i) खड़ी बोली
(ii) ग्रामीण भाषा
(iii) संस्कृत के शब्दों का प्रयोग
(iv) उर्दू मिश्रित हिंदी