हम घर जाल्या आपणाँ , लिया मुराड़ा हाथि।
अब घर जालौं तास का , जे चलै हमारे साथि।।
प्रश्न 1: ‘ हम घर जाल्या आपणाँ ‘ से आशय है ?
(क) अपने घर में आग लगाना
(ख) अपने अंदर से मोह – माया का त्याग करना
(ग) अपने ही हाथों अपने को कष्ट पहुँचाना
(घ) अपने किसी ख़ास का घर जलाना
प्रश्न 2: ‘ मुराड़ा ‘ से क्या तात्पर्य है –
(क) ज्ञान
(ख) जलती हुई मशाल
(ग) लकड़ी
(घ) कुल्हाड़ा
प्रश्न 3: कबीर जी अपने साथ चलने वालों के साथ क्या करना चाहते हैं ?
(क) उनके मोह – माया रूपी घर को जला कर ज्ञान प्राप्त करवाना चाहते हैं
(ख) उनका घर जलाना चाहते हैं
(ग) उन्हें ज्ञान देना चाहते हैं
(घ) उनके अहंकार का नाश करना चाहते हैं
प्रश्न 4: ‘ अब घर जालौं तास का ‘ से आशय है ?
(क) ताश का घर जलाना है
(ख) अब दूसरों का घर जलाना है
(ग) उसे भी मोह – माया से मुक्त होना होगा जो ज्ञान प्राप्त करना चाहता है
(घ) हर व्यक्ति को मोह – माया का त्याग करना चाहिए
प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पद्यांश से मेल खाते वाक्यों को चुनिए ?
(क) कबीर जी ने मोह -माया रूपी घर को जला कर ज्ञान प्राप्त कर लिया है
(ख) अब कबीर जी के हाथों में जलती हुई मशाल (लकड़ी) है यानि ज्ञान है
(ग) अब कबीर जी उसका घर जलाएंगे जो उनके साथ चलना चाहता है अर्थात उसे भी मोह – माया से मुक्त होना होगा जो ज्ञान प्राप्त करना चाहता है
(घ) उपरोक्त सभी
अब घर जालौं तास का , जे चलै हमारे साथि।।
प्रश्न 1: ‘ हम घर जाल्या आपणाँ ‘ से आशय है ?
(क) अपने घर में आग लगाना
(ख) अपने अंदर से मोह – माया का त्याग करना
(ग) अपने ही हाथों अपने को कष्ट पहुँचाना
(घ) अपने किसी ख़ास का घर जलाना
प्रश्न 2: ‘ मुराड़ा ‘ से क्या तात्पर्य है –
(क) ज्ञान
(ख) जलती हुई मशाल
(ग) लकड़ी
(घ) कुल्हाड़ा
प्रश्न 3: कबीर जी अपने साथ चलने वालों के साथ क्या करना चाहते हैं ?
(क) उनके मोह – माया रूपी घर को जला कर ज्ञान प्राप्त करवाना चाहते हैं
(ख) उनका घर जलाना चाहते हैं
(ग) उन्हें ज्ञान देना चाहते हैं
(घ) उनके अहंकार का नाश करना चाहते हैं
प्रश्न 4: ‘ अब घर जालौं तास का ‘ से आशय है ?
(क) ताश का घर जलाना है
(ख) अब दूसरों का घर जलाना है
(ग) उसे भी मोह – माया से मुक्त होना होगा जो ज्ञान प्राप्त करना चाहता है
(घ) हर व्यक्ति को मोह – माया का त्याग करना चाहिए
प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पद्यांश से मेल खाते वाक्यों को चुनिए ?
(क) कबीर जी ने मोह -माया रूपी घर को जला कर ज्ञान प्राप्त कर लिया है
(ख) अब कबीर जी के हाथों में जलती हुई मशाल (लकड़ी) है यानि ज्ञान है
(ग) अब कबीर जी उसका घर जलाएंगे जो उनके साथ चलना चाहता है अर्थात उसे भी मोह – माया से मुक्त होना होगा जो ज्ञान प्राप्त करना चाहता है
(घ) उपरोक्त सभी