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काव्य –1 साखी question types

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काव्य –1 साखी questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

हम घर जाल्या आपणाँ , लिया मुराड़ा हाथि।
अब घर जालौं तास का , जे चलै हमारे साथि।।

प्रश्न 1: ‘ हम घर जाल्या आपणाँ ‘ से आशय है ?
(क) अपने घर में आग लगाना
(ख) अपने अंदर से मोह – माया का त्याग करना
(ग) अपने ही हाथों अपने को कष्ट पहुँचाना
(घ) अपने किसी ख़ास का घर जलाना

प्रश्न 2: ‘ मुराड़ा ‘ से क्या तात्पर्य है –
(क) ज्ञान
(ख) जलती हुई मशाल
(ग) लकड़ी
(घ) कुल्हाड़ा

प्रश्न 3: कबीर जी अपने साथ चलने वालों के साथ क्या करना चाहते हैं ?
(क) उनके मोह – माया रूपी घर को जला कर ज्ञान प्राप्त करवाना चाहते हैं
(ख) उनका घर जलाना चाहते हैं
(ग) उन्हें ज्ञान देना चाहते हैं
(घ) उनके अहंकार का नाश करना चाहते हैं

प्रश्न 4: ‘ अब घर जालौं तास का ‘ से आशय है ?
(क) ताश का घर जलाना है
(ख) अब दूसरों का घर जलाना है
(ग) उसे भी मोह – माया से मुक्त होना होगा जो ज्ञान प्राप्त करना चाहता है
(घ) हर व्यक्ति को मोह – माया का त्याग करना चाहिए

प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पद्यांश से मेल खाते वाक्यों को चुनिए ?
(क) कबीर जी ने मोह -माया रूपी घर को जला कर ज्ञान प्राप्त कर लिया है
(ख) अब कबीर जी के हाथों में जलती हुई मशाल (लकड़ी) है यानि ज्ञान है
(ग) अब कबीर जी उसका घर जलाएंगे जो उनके साथ चलना चाहता है अर्थात उसे भी मोह – माया से मुक्त होना होगा जो ज्ञान प्राप्त करना चाहता है
(घ) उपरोक्त सभी
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पोथी पढ़ि – पढ़ि जग मुवा , पंडित भया न कोइ।
ऐकै अषिर पीव का , पढ़ै सु पंडित होइ।

प्रश्न 1: ‘ पोथी पढ़ि – पढ़ि जग मुवा ‘ से आशय है ?
(क) किताबें पढ़ – पढ़ कर कई लोग मर गए
(ख) केवल किताबें पढ़ लेने से कुछ ज्ञान नहीं मिल सकता
(ग) किताबों को पढ़ना ज्ञान को मारना है
(घ) किताबें पढ़ – पढ़ कर संसार मर गया

प्रश्न 2: ‘ पोथी पढ़ि – पढ़ि ‘ में कौन सा अलंकार है –
(क) अनुप्रास अलंकार
(ख) रूपक अलंकार
(ग) उपमा अलंकार
(घ) पुनरुक्ति अलंकार

प्रश्न 3: इस पद में किस पर व्यंग्य किया गया है ?
(क) प्रेम पर
(ख) संसार पर
(ग) किताबों पर
(घ) ज्ञानी वर्ग पर

प्रश्न 4: इस साखी में सच्चा ज्ञानी किसे बताया गया है ?
(क) सांसारिक लोगो को
(ख) किताबें पढ़ने वालों को
(ग) परमात्मा को जानने वाले को
(घ) प्रेम करने वालों को

प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पद्यांश से मेल खाते वाक्यों को चुनिए ?
(क) इस संसार में मोटी – मोटी पुस्तकें (किताबें) पढ़ कर कई मनुष्य मर गए परन्तु कोई भी मनुष्य पंडित (ज्ञानी) नहीं बन सका
(ख) अब कबीर जी के हाथों में जलती हुई मशाल (लकड़ी) है यानि ज्ञान है
(ग) यदि किसी व्यक्ति ने ईश्वर प्रेम का एक भी अक्षर पढ़ लिया होता तो वह पंडित बन जाता
(घ) उपरोक्त सभ
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निंदक नेड़ा राखिये , आँगणि कुटी बँधाइ।
बिन साबण पाँणीं बिना , निरमल करै सुभाइ।।

प्रश्न 1: यह पद्यांश किसके द्वारा निर्मित है ?
(क) बिहारी जी द्वारा
(ख) कबीर जी द्वारा
(ग) मीराबाई द्वारा
(घ) महादेवी वर्मा द्वारा

प्रश्न 2: कबीर जी किसे नजदीक रखने के लिए कहा है –
(क) ज्ञान
(ख) साबुन
(ग) निंदक
(घ) पानी

प्रश्न 3: निंदक को नजदीक रखने का क्या लाभ बताया गया है ?

(क) मोह – माया दूर हो जाती है
(ख) स्वभाव निर्मल हो जाता है
(ग) क्रोध नहीं आता
(घ) अहंकार का नाश होता है

प्रश्न 4: ‘ बिन साबण पाँणीं बिना , निरमल करै सुभाइ ‘ से आशय है ?

(क) हमें हमेशा निंदा करने वाले व्यक्तिओं को अपने निकट रखना चाहिए
(ख) हो सके तो निंदा करने वाले व्यक्तिओं के लिए अपने आँगन में ही घर बनवा लेना चाहिए अर्थात हमेशा अपने आस पास ही रखना चाहिए
(ग) निंदा करने वाले व्यक्तिओं को अपने निकट रखने से हमारा स्वभाव बिना साबुन और पानी की मदद के ही साफ़ हो जाता है
(घ) इन में से कोई नहीं

प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पद्यांश से मेल खाते वाक्यों को चुनिए ?

(क) हमें हमेशा निंदा करने वाले व्यक्तिओं को अपने निकट रखना चाहिए
(ख) ताकि हम उनके द्वारा बताई गई हमारी गलतिओं को सुधर सकें
(ग) इससे हमारा स्वभाव बिना साबुन और पानी की मदद के ही साफ़ हो जायेगा
(घ) उपरोक्त सभी
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बिरह भुवंगम तन बसै , मंत्र न लागै कोइ।
राम बियोगी ना जिवै , जिवै तो बौरा होइ।।

प्रश्न 1: ‘ बिरह भुवंगम तन बसै ‘ से आशय है ?
(क) मनुष्य के मन में अपनों के बिछड़ने का गम सांप बन कर लोटने लगता है
(ख) विरह में बिछड़ना सबसे दुखदाई होता है
(ग) विरह में बिछड़ना और साँप का काटना बराबर दर्द देता है
(घ) विरह सांप बन मन में रहता है

प्रश्न 2: ‘ राम बियोगी ना जिवै ‘ से क्या तात्पर्य है –
(क) राम से बिछड़ना मरने बराबर है
(ख) राम से वियोग असहनीय है
(ग) राम अर्थात ईश्वर के वियोग में मनुष्य जीवित नहीं रह सकता
(घ) ईश्वर को न प्राप्त कर पाना अत्यधिक दुःख देता है

प्रश्न 3: किस व्यक्ति पर कोई मन्त्र और दवा असर नहीं करती है ?
(क) जब मनुष्य के मन में अपनों के बिछड़ने का गम सांप बन कर लोटने लगता है
(ख) जिस व्यक्ति का मन अहंकार से भरा हुआ हो
(ग) जो व्यक्ति अपनी मृत्यु आदि से भी अनजान सोये हुये हैं
(घ) जो किसी भयंकर बिमारी से पीड़ित हो

प्रश्न 4: ‘ जिवै तो बौरा होइ ‘ से आशय है ?
(क) बियोग में जीने वाला पागल होता है
(ख) ईश्वर के वियोग में मनुष्य जीवित नहीं रह सकता और यदि वह जीवित रहता भी है तो उसकी स्थिति पागलों जैसी हो जाती है
(ग) वियोग के कारण व्यक्ति पागलों की तरह जीवन जीता है
(घ) पागलों की तरह जीवन जीना गलत है

प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पद्यांश से मेल खाते वाक्यों को चुनिए ?
(क) जब मनुष्य के मन में अपनों के बिछड़ने का गम सांप बन कर लोटने लगता है तो उस पर न कोई मन्त्र असर करता है और न ही कोई दवा असर करती है
(ख) ईश्वर के वियोग में मनुष्य जीवित नहीं रह सकता
(ग) ईश्वर के वियोग में मनुष्य जीवित नहीं रह सकता और यदि वह जीवित रहता भी है तो उसकी स्थिति पागलों जैसी हो जाती है
(घ) उपरोक्त सभी

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सुखिया सब संसार है , खायै अरु सोवै।
दुखिया दास कबीर है , जागै अरु रोवै।।

प्रश्न 1: ‘ सुखिया सब संसार है ‘ से आशय है ?
(क) पूरा संसार सुखी है
(ख) संसार के लोग अज्ञान रूपी अंधकार में डूबे हुए हैं , जिस कारण सुखी हैं
(ग) कबीर जी संसार को देख कर सुखी हैं
(घ) संसार के लोग ईश्वर भक्ति में लीन हैं इसलिए सुखी हैं

प्रश्न 2: कबीर जी क्यों दुःखी हैं –
(क) क्योंकि पूरा संसार सुखी है
(ख) क्योंकि संसार के लोग अज्ञान रूपी अंधकार में डूबे हुए हैं
(ग) क्योंकि वे प्रभु को पाने की आशा में हमेशा चिंता में जागते रहते हैं
(घ) क्योंकि वे अहंकार का नाश नहीं कर पा रहे

प्रश्न 3: ‘ खायै अरु सोवै ‘ से क्या तात्पर्य है ?
(क) संसार के लोग अज्ञान रूपी अंधकार में डूबे हुए हैं अपनी मृत्यु आदि से भी अनजान सोये हुये हैं
(ख) संसार के लोग अज्ञान रूपी अंधकार में डूबे हुए हैं
(ग) अपनी मृत्यु आदि से भी अनजान सोये हुये हैं
(घ) संसार के लोग अज्ञान से भरे हुए हैं

प्रश्न 4: कबीर जी क्यों रो रहे है ?
(क) संसार के लोगों के मन में अहंकार देख कर
(ख) संसार के लोग को अज्ञान रूपी अंधकार में डूबे हुए हैं और अपनी मृत्यु आदि से भी अनजान सोये हुये हैं देख कर
(ग) अपने मन में ज्ञान रूपी दीपक के न जल पाने से
(घ) परमेश्वर नमक दीपक के दर्शन न मिल पाने से

प्रश्न 5: निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पद्यांश से मेल खाते वाक्यों को चुनिए ?
(क) संसार के लोग अज्ञान रूपी अंधकार में डूबे हुए हैं
(ख) कबीर दुखी हैं और वे रो रहे हैं
(ग) कबीर जी प्रभु को पाने की आशा में हमेशा चिंता में जागते रहते हैं
(घ) उपरोक्त सभी
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मीठी वाणी का औरों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
  • A
    दूसरे क्रोधित हो जाते हैं
  • दूसरे सुख और संतोष का अनुभव करते हैं
  • C
    दूसरे मीठी वाणी सुनकर दुखी हो जाते हैं
  • D
    उपर्युक्त सभी

Answer: B.

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सारे संसार के सुखी होने का क्या कारण है?
  • A
    सारा संसार वास्तविक आनंद लूट रहा है
  • B
    सारा संसार खाने-पीने और सोने में मस्त है
  • C
    सारा संसार प्रभु के प्रति सजग है
  • क्योंकि सभी सांसारिक सुखों को अंतिम सत्य मानते हैं

Answer: D.

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