वह फिरना निर्भय स्वच्छन्द।
कैसे भूला जा सकता है,
बचपन का अतुलित आनन्द ॥
रोना और मचल जाना भी,
क्या आनन्द दिखाते थे।
बड़े-बड़े मोती से आँसू,
जयमाला पहनाते थे ॥
प्रश्न 1. कविता का शीर्षक दीजिए।
प्रश्न 2. इस कविता में किसको नहीं भूलने का वर्णन किया गया है?
प्रश्न 3. जयमाला किसे कहा गया है?
2. कविता में बताया गया है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने बचपन के आनन्द को नहीं भूल पाता है। इस कविता में इसी बात का वर्णन किया गया है।
3. आँखों से नीचे गिरने वाले बड़े-बड़े आँसुओं को मोतियों की जयमाला कहा गया है।