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जलाते चलो question types

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32
Questions
6
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Sample Questions

जलाते चलो questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी द्वारा रचित कविता ‘जलाते चलो’ कौन-कौन से जीवन मूल्यों का संदेश देती है? वर्तमान समय में इन मूल्यों की आवश्यकता क्यों है? अपने विचार लिखिए।
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स्तंभ 1 स्तंभ 2
1. कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा। A. विश्व की भलाई का ध्यान रखे बिना प्रगति करने से कोई लाभ नहीं होगा।
2. जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर। B. विश्व में सुख-शांति क्यों कम होती जा रही है?
3. मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी । C. विश्व की समस्याओं से एक न एक दिन छुटकारा अवश्य मिलेगा।
4. बिना स्नेह विद्युत – दिये जल रहे जो बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा। D. दूसरों के सुख-चैन के लिए प्रयास करते रहिए।
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शब्द अर्थ या संदर्भ
1. अमावस A. पूर्णमासी, वह तिथि जिस रात चंद्रमा पूरा दिखाई देता है।
2. पूर्णिमा B. विद्युत दिये अर्थात बिजली से जलने वाले दीपक, बल्ब आदि उपकरण।
3. विद्युत – दिए C. समय, काल, युग संख्या में चार माने गए हैं- सत्ययुग (सतयुग), त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग ।
4. युग D. अमावस्या, जिस रात आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता।
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दिये और तूफ़ान की यह कहानी
चली आ रही और चलती रहेगी,
जली जो प्रथम बार लौ दीप की
स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी।
रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि
कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा। 


प्रश्न 1.स्वर्ण-सी जल रही में कौन-सा अलंकार है?
(क) रूपक
(ख) पुनरुक्ति
(ग) उपमा
(घ) उत्प्रेक्षा

प्रश्न 2.निशा के पर्याय हैं-
(क) रात और रजनी
(ख) यामा और निशामति
(ग) निशाचर और क्षण
(घ) विधु और शशि

 प्रश्न 3.निशा को सवेरा कब मिलेगा ?
(क) जल्द से जल्द
(ख) जब तक धरती पर एक भी दिया जल रहा है।
(ग) जब तक एक भी मनुष्य विघ्न-बाधाओं से जूझ रहा है।
(घ) (ख) और (ग) दोनों सही हैं।

प्रश्न 4.“जली जो प्रथम बार लौ दीप की…. रहेगी। ” दी गई पंक्ति को सही विकल्प चुनकर पूर्ण कीजिए।
(क) स्वर्ण जल रही और जलती रहेगी।
(ख) स्वर्ण – सी रही और जली |
(ग) सोने के समान जलकर रहेगी।
(घ) स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी।
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युगों से तुम्हीं ने तिमिर की शिला पर
दिये अनगिनत है निरंतर जलाए,
समय साक्षी है कि जलते हुए दीप
अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए ।
मगर बुझ स्वयं ज्योति जो दे गए वे
उसी से तिमिर को उजेला मिलेगा।

प्रश्न 1.समय किसका साक्षी है?
(क) जलते दीप पवन ने बुझाए हैं।
(ख) मनुष्य के अनवरत प्रयासों का
(ग) हार न मानने की इच्छाशक्ति
(घ) उपर्युक्त सभी

प्रश्न 2.पवन के पर्यायवाची हैं-
(क) समीर
(ख) पताका
(ग) अनल
(घ) पावक

प्रश्न 3.अनगिनत दीप कहाँ जलाए गए ?
(क) दीवाली की रात
(ख) घर के आँगन में
(ग) अंधकार रूपी शिला पर
(घ) कहीं नहीं

प्रश्न 4.तिमिर को उजाले में कैसे परिवर्तित करें? काव्यांश के आधार पर उत्तर छाँटे।
(क) शहीदों के जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर
(ख) मोमबत्ती जलाकर
(ग) विद्युत – दिये की सहायता से
(घ) सुबह की इंतजार कर

प्रश्न 5.अनगिनत शब्द का अर्थ है-
(क) जिसे गिना जा सके
(ख) विशेष दिये का नाम है।
(ग) जिसकी गिनती न हो
(घ) संख्या
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जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की
चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी,
तिमिर की सरित पार करने तुम्हीं ने
बना दीप की नाव तैयार की थी।
बहाते चलो नाव तुम वह निरंतर
कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा।

प्रश्न 1.अंधकार की सरिता पार करने के लिए मनुष्य ने क्या तैयार किया था ?
(क) दीप की नाव तैयार की
(ख) सारे दीपक जला दिये
(ग) कृत्रिम दिये बनाए
(घ) मनुष्य चलता रहा

प्रश्न 2.हमें जीवन के अंधकार में किससे उजाला मिलेगा?
(क) प्रेम रूपी दीपक से
(ख) धन-दौलत से
(ग) संपन्नता से
(घ) शांत बैठ जाने से

प्रश्न 3.कवि ने दीये की नाव को कैसे बहाने के लिए कहा है?
(क) थोड़ा विश्राम कर
(ख) लगातार
(ग) अकेले
(घ) नदी को रोककर

प्रश्न 4.तिमिर किसका प्रतीक है?
(क) अज्ञान
(ख) मुसीबतों
(ग) बुराई
(घ) सभी

प्रश्न 5.तिमिर को किनारा कैसे मिलेगा ?
(क) बुराइयों रूपी अंधकार को मिटाने से
(ख) चुनौतियों को स्वीकार करने से
(ग) तिमिर समाप्त हो चुका है।
(घ) (क) और (ख) दोनों विकल्प सही हैं।
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जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर
कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा ।
भले शक्ति विज्ञान में है निहित वह
कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा – सी,
मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में
घिरी आ रही है अमावस निशा-सी ।
बिना स्नेह विद्युत – दिये जल रहे जो
बुझाओ इन्हें यों न पथ मिल सकेगा ।।


प्रश्न 1.कवि क्या जलाने की बात कर रहे हैं?
(क) बिजली
(ख) बल्ब
(ग) स्नेह के दिये
(घ) मिट्टी के दिये

प्रश्न 2.कवि दीपक में क्या भरकर जलाने की प्रेरणा दे रहे हैं?
(क) स्नेह रूपी तेल डालकर
(ख) घी भरकर
(ग) बिजली
(घ) शक्ति डालकर

प्रश्न 3.अमावस किसका प्रतीक है?
(क) अंधकार
(ख) निशा
(ग) निराशा
(घ) सारे विकल्प सही हैं।

प्रश्न 4.आज कैसे दीपक जल रहे हैं?
(क) रंग-बिरंगे
(ख) विद्युत
(ग) विज्ञान
(घ) कोई नहीं

प्रश्न 5.बिना स्नेह विद्युत – दिये क्यों बुझाने हैं?
(क) रास्ता मुश्किल है
(ख) समय की कमी के कारण
(ग) क्योंकि पथ न मिल सकेगा
(घ) खर्चा बढ़ जाता है।
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Q 17MCQ1 Mark
“जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की, चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी” यह वाक्य किससे कहा गया है?
  • मनुष्यों से
  • B
    तूफ़ान से
  • C
    दीपकों से
  • D
    तिमिर से

Answer: A.

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Q 18MCQ1 Mark
निम्नलिखित में से कौन$-$सी बात इस कविता में मुख्य रूप से कही गई है?
  • भलाई के कार्य करते रहना
  • B
    दीपावली के दीपक जलाना
  • C
    बल्ब आदि जलाकर अंधकार दूर करना
  • D
    तिमिर मिलने तक नाव चलाते रहना

Answer: A.

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Q 19MCQ1 Mark
द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की मृत्यु कब हुई ?
  • A
    1992
  • 1998
  • C
    1996
  • D
    1995

Answer: B.

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Q 20MCQ1 Mark
धरा का अर्थ है-
  • पृथ्वी
  • B
    घास
  • C
    मैदान
  • D
    आकाश

Answer: A.

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Q 21MCQ1 Mark
शक्ति किसमें निहित है ?
  • A
    गणित
  • B
    अंग्रेज़ी
  • विज्ञान
  • D
    हिन्दी

Answer: C.

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