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काव्य – खंड - दोहे question types

12 questions across 2 question groups — pick any mix to generate a HINDI - B (स्पर्श) paper with step-by-step answer keys.

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Sample Questions

काव्य – खंड - दोहे questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि।
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि ।। 
रहिमन निज संपति बिना, कोउ न बिपति सहाय।
बिनु पानी ज्यों जलज को, नहिं रवि सके बचाय।। 
रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून ।।
(क) “रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।” — इस दोहे में कवि किस बात पर बल दे रहे हैं?
A. बड़ों का आदर करना चाहिए
B. छोटों को तुच्छ समझकर छोड़ना नहीं चाहिए
C. सुई को फेंक देना चाहिए
D. तलवार को ही उपयोगी मानना चाहिए
(ख) “जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।” — इस पंक्ति का क्या आशय है?
A. तलवार का प्रयोग हर जगह होता है
B. सुई बहुत धारदार होती है
C. प्रत्येक वस्तु का अपना महत्व होता है
D. सुई और तलवार दोनों बराबर हैं
(ग) “रहिमन निज संपति बिना, कोउ न बिपति सहाय।” — इस दोहे का सही अर्थ क्या है?
A. संकट में सभी सहायता करते हैं
B. अपने धन के बिना कोई मदद नहीं करता
C. मित्र हमेशा सहायता करते हैं
D. संपत्ति व्यर्थ होती है
(घ) “बिनु पानी ज्यों जलज को, नहिं रवि सके बचाय।” — इसमें ‘जलज’ शब्द का अर्थ क्या है?
A. बादल
B. जल स्रोत
C. कमल
D. सूर्य
(ङ) “रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून।” — इस दोहे में ‘पानी’ किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?
A. पीने का पानी
B. मान-सम्मान और मर्यादा
C. समुद्र का जल
D. वर्षा का जल
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धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पिअत अघाय।
उदधि बड़ाई कौन है, जगत पिआसो जाय।। 
नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत ।
ते रहीम पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत ।। 
बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।
रहिमन फाटे दूध को, मथे न माखन होय ।।
(क) “धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पिअत अघाय।” — इस दोहे में रहीम किसके गुण की सराहना कर रहे हैं?
A. समुद्र की विशालता
B. तालाब के किनारे की रेत
C. छोटे जलस्रोत की उपयोगिता
D. नदी की गहराई
(ख) “नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत” — इस पंक्ति में मनुष्य किस चीज़ पर रीझता है?
A. संगीत पर
B. धन पर
C. भोजन पर
D. ध्यान पर
(ग) “ते रहीम पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत।” — इस दोहे का क्या भाव है?
A. मनुष्य पशु से अधिक समझदार है
B. मनुष्य यदि कुछ पाकर भी न दे, तो वह पशु से भी नीच है
C. पशु कुछ नहीं देता
D. मनुष्य सबको देता है
(घ) “दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं” — इस पंक्ति का भावार्थ क्या है?
A. दोहे छोटे होते हैं पर अर्थ गहरा होता है
B. दोहे समझ में नहीं आते
C. दोहे बहुत लंबे होते हैं
D. दोहे केवल व्याकरण सिखाते हैं
(ङ) “बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।” — इस दोहे में रहीम किस बात पर ज़ोर देते हैं?
A. किसी बात को बिगाड़ना अच्छा है
B. जो बात बिगड़ जाती है, वह फिर से पहले जैसी नहीं बनती
C. दूध को फेंटने से मक्खन मिलता है
D. झगड़ा करना अच्छा है
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एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय।
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।।
चित्रकूट में रमि रहे, रहिमन अवध-नरेस।
जा पर बिपदा पड़त है, सो आवत यह देस ।।
दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।
ज्यों रहीम नट कुंडली, सिमिटि कूदि चढ़ि जाहिं ।। 
(क) “एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय” — इस दोहे में रहीम किस जीवन सिद्धांत को बता रहे हैं?
A. दूसरों की सहायता करो
B. अनेक कार्य एक साथ करो
C. मूल को साधो, सभी कार्य सफल होंगे
D. सभी चीज़ें खुद ही हो जाएँगी
(ख) “चित्रकूट में रमि रहे, रहिमन अवध-नरेस।” — इस दोहे में अवध-नरेश कौन हैं?
A. भरत
B. राम
C. दशरथ
D. शत्रुघ्न
(ग) ‘जा पर बिपदा पड़त है, सो आवत यह देस’ — इस पंक्ति का सही भावार्थ क्या है?
A. जब किसी पर विपत्ति आती है, तब राजा उसके देश आता है
B. राजा कहीं नहीं जाता
C. विपत्ति केवल गरीबों पर आती है
D. चित्रकूट में कोई विपत्ति नहीं आती
(घ) “दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं” — इस पंक्ति का भावार्थ क्या है?
A. दोहे छोटे होते हैं पर अर्थ गहरा होता है
B. दोहे समझ में नहीं आते
C. दोहे बहुत लंबे होते हैं
D. दोहे केवल व्याकरण सिखाते हैं
(ङ) “ज्यों रहीम नट कुंडली, सिमिटि कूदि चढ़ि जाहिं” — इस दोहे में रहीम ने किसके कौशल की तुलना नट से की है?
A. दोहों की शैली से
B. राजा के स्वभाव से
C. प्रेम की गहराई से
D. भाषा की मिठास से
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रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय।
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।।
रहिमन निज मन की बिथा, मन मन ही राखो गोय।
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहें कोय।।
(क) 'रहिमन धागा प्रेम का' दोहे में 'धागा' किसका प्रतीक है?
A. वस्त्र का
B. रिश्ते का
C. प्रेम का
D. विश्वास का
(ख) 'टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय' — इस पंक्ति का क्या तात्पर्य है?
A. धागा फिर से मजबूत हो जाता है
B. प्रेम संबंध में दरार आने पर पहले जैसी मधुरता नहीं रहती
C. धागा नया लिया जा सकता है
D. प्रेम कभी नहीं टूटता
(ग) रहीम के अनुसार, अपने मन की पीड़ा किसे बतानी चाहिए?
A. सभी को
B. मित्रों को
C. शत्रु को
D. किसी को नहीं
(घ) 'सुनि अठिलैहैं लोग सब' का सही अर्थ क्या है?
A. सब सहानुभूति जताते हैं
B. सब दुख बाँटते हैं
C. सब मज़ाक उड़ाते हैं
D. सब साथ देते हैं
(ङ) इन दोहों से रहीम का कौन-सा गुण प्रमुख रूप से प्रकट होता है?
A. वीरता
B. विनम्रता
C. व्यवहारिक जीवन अनुभव
D. भोग विलास
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