Question types

ईदगाह question types

112 questions across 11 question groups — pick any mix to generate a Hindi paper with step-by-step answer keys.

112
Questions
11
Question groups
5
Question types
Sample Questions

ईदगाह questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

हामिंद ने चिमटा किसके लिए खरीदा ?
  • A
    माँ के लिए
  • दादी के लिए
  • C
    चाची के लिए
  • D
    पडोसी के लिए

Answer: B.

View full solution
दुसरे लडके भी चिमटा खरिदना चाहते थे, क्योकि $.....$ l
$(अ)$ वह अच्छा और सस्ता था।
$(ब)$ उन्हे चिमटा खरिदने के लिये अलग से पैसे दिए गए थे।
$(क)$ हामिद के चिमटेने सबको मोहित कर दिया था ।
View full solution
अमीना का क्रोध स्नेह में बदल गया, क्‍योंकि $...$
$(अ)$ हामिद ने उससे माफी माँगी।
$(ब)$ उसने हामिद में त्याग, सद्भाव ओर विवेक जैसे गृण देखे।
$(क)$ बच्चों ने अगीना को समझाया था।
View full solution
दूसरे लड़के भी चिमटा खरीदना चाहते थे, क्योंकि $...$
$(अ)$ वह अच्छा ओर सस्ता था।
$(ब)$ उन्हें चिमटा खरीदने के लिए अलग से पेसे दिए गए थे।
$(क)$ हामिद के चिमटे ने सबको मोहित कर दिया था।
View full solution
मोहसिन ने हामिद को बुद्धू कहा, क्योंकि $...$
$(अ)$ वह सबके खिलोनों का मजाक उड़ा रहा था।
$(ब)$ उसने चिमटा खरीदा था।
$(क)$ उसने चिमटे को बंदूक की तरह कंधे पर रखा था।
View full solution
चिमटे का दाम सुनकर हामिद का दिल बैठ गया, क्योंकि $...$
$(अ)$ अन्य चीजें सस्ती थीं।
$(ब)$ चिमटा ठीक नहीं था।
$(क)$ उसके पास केवल तीन पेसे थे।
View full solution
रूपरेखा के आधार पर कहानी पूर्ण कीजिए $:$
एक नगर में दो स्त्रियाँ $–$ एक ही बालक के लिए दावेदार $–$ आपस में तकरार $–$ मामला न्यायाधीश के समक्ष $–$ दोनों की बातें सुनना $–$ न्याय करना $–$ बालक के दो टुकड़े करके बाँट लो $–$ एक स्त्री मौन $–$ दूसरी का रोकर कहना $–$ बच्चे को न काटो $–$ उसे ही दे दो $–$ न्यायाधीश का फैसला $–$ रोती हुई स्त्री को बालक सौंपना।
View full solution
इस कहानी का शीर्षक ईदगाह' ही क्‍यों रखा गया ? इसके अलावा आप कौन$-$सा शीर्षक देना चाहेंगे? क्‍यों?
View full solution
निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर दीजिए $:$
हमारे इतिहास और पुराणों में परोपकार के अनेक उदाहरण मिलते हैं। दधिची जवबकरुयाण तथा असरों के संहार के लिए अपना शरीर त्याग दिया। राजा शिबि ने कबूतर के प्राण की रक्षा के लिए अंग दान किए। महर्षि दयानंद ने विष मिलाकर प्राण लेनेवाले अपने रसोइए जगन्नाथ के प्राणों की रक्षा धन देकर की। वर्तमान में भी अनेक सामाजिक संस्थाएँ परोपकार के लिए अपना धन और समय भारतीय समाज को दे रही हैं। भारतीय समाज में युगों से परोपकार की सुरसरिता प्रवाहित होती आई है। यहाँ ऋषि$-$मुनियों ने यही सीख दी है कि निराश्रितों को आसरा दो। दीन$-$दुखियों और वृद्धों की शारीरिक और आर्थिक मदद करो। भूखों को भोजन कराओ। विद्वान हो तो विद्या का प्रचार कर समाज का उद्धार करो। यहाँ सदा सबकी भलाई में ही अपनी भलाई मानी जाती रही है। संसार के सभी धर्मों का मूल परोपकार है। किसी भी संत$-$महात्मा ने इसके बिना मनुष्य जीवन को सार्थक नहीं माना। लोग परोपकार के लिए ही औषधालय, गौशालाएँ और धर्मशालाएँ बनवाते हैं। सभी अपनी सामर्थ्य और शक्ति के अनुसार परोपकार करते रहें तो समाज एवंदेश की उन्नति होती रहेगी तथा 'वसुधेव कुटुंबकम्‌!' की भावना फैलेगी ।
$(1)$ ऐतिहासिक ग्रंथों में परोपकार के कौन$-$कौन$-$से उदाहरण मिलते हैं?
$(2)$ ऋषि$-$मुनियों ने हमें क्या सीख दी है?
$(3)$ देश एवं समाज की उन्नति किस प्रकार होगी?
$(4)$ विलोम शब्द लिखिए $:$ आश्रित, अवनति
$(5)$ परिच्छेद के आधार पर अपने साथियों से पूछने के लिए तीन प्रश्न बनाइए ।
View full solution

Generate a ईदगाह paper free

Pick question groups from the list above, set marks and difficulty, and export a branded PDF with step-by-step answer keys. First 3 chapters free — no signup.

Download App