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पत्र लेखन

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Question 13 Marks
$173,$ सोमवार पेठ , पुना से मनोज शाह अपनी बहन की शादी का निमंत्रण अपने बम्बई निवासी मित्र परिमल ठाकुर को लिख भेजता है |
Answer
प्रिय मित्र परिमल, सस्नेह नमस्ते | गत जनवरी में मैं तुम्हारे यहां आया था |तब मैंने तुम्हें अपने परिवार में आने वाले शुभ प्रसंग के बारे में संकेत दिया था | हां तो वह शुभ घड़ी अब आने ही वाली है |उसमें शामिल होने के लिए तुम्हें नियंत्रित करते हुए |मुझे हर्ष हो रहा है | तुम्हें यह जानकर खुशी होगी कि हमारी बड़ी बहन की शादी आगामी $10$ तारीख को निर्धारित हुई है | बारात कोल्हापुर से आने वाली है | दूल्हा हाउसिंग बोर्ड में इंजीनियर के पद में काम कर रहा है |हमारे परिवार में खुशी का यह पहला मौका है | इसीलिए पिताजी इसे पूरी शान के साथ मनाना चाहते हैं | समारोह की तैयारियां को गत सप्ताह से शुरू हो गई है | इस प्रसंग पर एक पार्टी का आयोजन भी किया गया है | आशा है तुम अपने परिवार के साथ हमारे यहां यथाशीघ्र पधारो गे | किस गाड़ी से तुम आ रहे हो | वह बताता हुआ पत्र लिखना ताकि तुम्हारे स्वागत का प्रबंध करु|
अन्य सभी मित्रों गोपाल ,विपिन, सुहास ,रमजान, आदि को भी मैंने निमंत्रित किया है | तुम्हारा आगमन सोने में सुहाग का काम करेगा बताओ कब आ रहे हो |
तुम्हारी प्रतीक्षा में....
तुम्हारा
मनोज शाह
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Question 23 Marks
$53,$ इन्द्रधनुष,” अंकुर सोसायटी ,अहमदाबाद से मुकेश शाह नडियाद में रहते हुए अपने पुत्र सुनील को ‘अभ्यास का महत्व”समझाता हुआ पत्र लिखता है |
Answer
चिरंजीव सुनील , शुभ आशीर्वाद | तुम्हारा पत्र मिला | पत्र से जानकारी प्राप्त हुई | तुम्हारी प्रथम परीक्षा का परिणाम जानकार दुःख हुआ ,और उससे भी ज्यादा दुःख तुम्हारी अभ्यास के प्रति लापरवाही से हुआ | संसार में अच्छा स्थान प्राप्त करने के लिए अभ्यास का बहुत महत्त्व है | मैंने सुना है की तुम खेलकूद में बहुत ध्यान देते हो | परन्तु साथ साथ तुम अभ्यास में भी ध्यान दो तो तुम आगे बढ़ जाओगे | तुम्हारे पास पढने के लिए सब सुविधाए है | इन सुविधाओ का उपयोग करके तुम अभ्यास में अपना मन लगा सकते हो | आजकल हरेक क्षेत्र में पाँव रखने के लिए अभ्यास जरुरी हो गया है | तुम्हारी लापरवाही की वजह से तुम्हार अभ्यास बिगड़ रहा है | यह बिलकुल ठीक नहीं है | जीवन में अभ्यास का मह्र्त्व है यह सोचकर अभ्यास में मन लगाओ | तुम्हरे पास बहुत शक्तिया है | इस शक्ति का सदुपयोग कारने के लिए भी अभ्यास जरुरी है | मेरी इस बात को समझकर फिर से अभ्यास में लग जाओगे ऐसी आशा रखता हु | पत्र का उत्तर अवश्य लिखना | तुम्हारी प्रतीक्षा में | तुम्हारा हितैषी मुकेश शाह
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Question 33 Marks
$5,$ सीतानगर ,राजकोट से राजेश ,मोरबी निवासी अपने मित्र परेश पटेल को “ एस.एस .सी परीक्षा में अनुतीर्ण होने घर पर आश्वाशन पत्र “लिखता है |
Answer
प्रिय मित्र परेश , सप्रेम नमस्ते | तुम्हारा पत्र मिला | तुम एस एस सी की परीक्षामे सफल नहीं हो सके , यह जानकर मुझे गहरा दुःख हुआ | तुम्हारा लिखा हुआ पत्र बड़ी निराशा से भरा हुआ लगा | म्रेरे दोस्त , इस में निराश होने की कोई बात नहीं है | हमेशा हर कार्य में सफलता नहीं मिलती सफलता निष्फलता जीवन का क्रम है | आशा निराशा जीवन में आती रहती है | किसी विद्वान् ने कहा है – “असफलता सफलता का सोपान है “ एक बार निष्फल बनी व्यक्ति जब बड़ी लगन और गहरे परिश्रम से प्रयत्न करता है ,तब सफलता उसके चरण चूमती है | असफलता से निराश बनकर बैठ जाना बुजदिली है | कायरता है | आशा है ,तुम , निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ पढाई शुरू कर दोगे | एक मित्र के नाते मेरी सलाह है की पढाई को किसी भी सूरत में न छोड़ना | याद रखो, सफलता उन्ही के चरण चूमती है ,जो ध्येय के लिए डेट रहते है | इस बार ऐसा परिश्रम करो की सफलता तुम्हारे चरण चूमे | तुम्हारे माता पिता को मेरा प्रणाम | राजू और रीटा को मेरा प्यार | तुम्हारा स्न्नेहधीन मित्र राजेश
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Question 43 Marks
$10,$ वसंत विलास ,नवा वाडज ,अहमदाबाद से शैला शाह अपनी सुरता निवासी सहेली शोभा को टी वि देखने का शौक पढाई में बाधक बनता है ,इस पर पत्र लिखती है |
Answer
प्रिय सखी शोभा , सप्रेम नमस्कार | तुम्हारा पत्र मिला |तुम्हारा पत्र पढ़कर बहुत खुशी हुई कि तुम्हारे घर में टीवी आ गया है |इस खुशी के साथ कुछ दुख का भी अनुभव हुआ तुम पूछो कि क्या बात है ? पिछले साल हमारे यहाँ रंगीन टी वि आया था | इसके आने से हम सब इसके दीवाने हो गये | स्कुल से आते ही टी वि के सामने बैठ जाते थे | रात भर तक सब प्रोग्राम देखते रहते थे | इस का नतीजा यह हुआ की पढाई में पिछड़ने लगे | स्कुल का लेसन करने की ईच्छा भी न होती थी | पढाई में टी वि के कार्यक्रमों ने बाधा डाल दी | मन लगता है ही नहीं था और इसका परिणाम यह आया की में और मेरे भाई बहन सब त्रिमासिक परीक्षामे उत्तीर्ण नहीं हुए | उसका कारण टी.वि का शौक था | मुझे डर है की तुम्हारी पढाई में टी वि का ऐसा बुरा असर न पड़े | मै आशा करता हु की तुम टीवी देखने में संयम रखोगी और पढाई में ज्यादा धयन दोगी| घर में बड़ो को मेरे प्रणाम और छोटो को प्यार | पत्रोत्तर अवश्य लिखना | तुम्हारी सहेली शैला
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Question 53 Marks
$5,$ साधना सोसायटी ,भरूच से पल्लवी पटेल अहमदाबाद निवासी अपनी सखी नयना शाह को वृक्षों का मानव जीवन में महत्व समझाते हुए पत्र लिखती है |
Answer
प्रिय नयना , तुम्हे पल्लवी का प्यार | कल कल ही तुम्हारा पत्र मिला | पढ़कर बड़ी ख़ुशी हुई | वकृत्व स्पर्धा में पुरस्कार पाने पर मेरी बधाई | मेरी समझ में यह बात नहीं आई की तुमने स्कुल के वृक्षारोपण समारोह में भाग क्यों नहीं लिया ? तुम तो समझदार लड़की हो | तुम पढ़ी लिखी लड़की हो |तुमने वृक्षों के बारे में पढ़ा होगा की बनो और वृक्षों का कितना महत्व है ? तुम जानती हो की वृक्षों के कारण ही हमारा वातावरण शुध्ह रहता है | हवा में ताजगी और स्वास्थ्यवर्धक गुण आते है | वर्षा के लिए भी वृक्ष अपने प्रत्येक अंग से हमारी सेवा करते है | वे मूक होकर भी हमारे सच्चे मित्र है | इसीलिए वृक्षों के प्रति तुम्हरी उदासीनता से मुझे आश्चर्य हुआ | मुझे आशा है की तुम अगले वृक्षारोपण के कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लोगी | तुम्हारे माता पिता को मेरे प्रणाम | भाई बहनों को मेरी याद | तुम्हारे पत्र की प्रतीक्षा में ..... तुम्हारी सखी पल्लवी
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Question 63 Marks
$7,$ नयन कुञ्ज,आम्बावाडी ,भावनगर से सुनील शाह सूरत में राह्नेवाले अपने छोटे भाई अनिल को व्यायाम का महत्व समझाता हुआ पत्र लिखता है |
Answer
प्रिय भाई अनिल , सस्नेह आशीर्वाद | कल ही पिताजी का पत्र मिला | यह जानकर बड़ी चिंता हुई की कुछ दिनों से तुम अस्वस्थ रहते हो | प्रिय भाई , पढाई में तुम तेज हो और परिश्रम भी बहुत करते हो , यह आनंद की बात है ,किन्तु स्वास्थ्य भी पढाई से कम महत्वपूर्ण नहीं है | स्वास्थ्य रक्षा के लिए तुम्हे नियमित व्यायाम करना चाहिए | व्यायाम से शरिर सुंदर, स्वस्थ और सुग्रथित बनता है | शरीर में स्फूर्ति और मनमे उत्साह का संचार होता है | व्यायाम शरीर को निरोगी रखता है | स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है | स्वस्थ मन से ही अच्छी तरह अध्ययन हो सकता है | सचमुच व्यायाम सुखी जीवन की कुंजी है | अंग्रेजी में कहां है की  $ \text{(“WALKING IS THE BEST EXERCISE”)}$ प्रिय भाई , तुम्हे प्रतिदिन सुबह या शाम नदी के किनारे घुमने के लिए जाना चाहिए | हररोज सुबह तुम्हे दंड बैठक और कुछ आसन करने चाहिए | इससे धीरे धीरे तुम्हारा शरीर बिलकुल स्वस्थ हो जाएगा | शारीरिक स्वास्थ्य बढेगा | आशा रखता हु की तुम कल से ही व्यायाम शुरू कर दोगे | माताजी और पिताजी को प्रणाम | मुन्नू को प्यार | पत्रोत्तर की प्रतीक्षा में, तुम्हारा भाई , सुनील
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Question 73 Marks
$10,$ महात्मा गाँधी रोड , नवसारी से भ्रुगेश अपने मित्र भरत को अपने स्कुल में मनाये गये वर्शिकोत्सव का वर्णन लिख भेजता है |
Answer
प्रिय मित्र भरत, नमस्ते | तुम्हारा पत्र मिला | कई दिनों से तुम्हे पत्र लिखना चाहता था , पर स्कुल के वार्षिकोत्सव में लगे रहने के कारण नहीं लिख पाया | पिछले सप्ताह हमारे स्कुल का वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया | पुरे स्कुल को बिजली के बल्बों से सजाया गया था | चारो तरफ रंगबिरंगी गुब्बारे लगाये गये थे | प्रसिद्ध समाज सेवक ने हमारी स्कुल में शैक्षणिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था | प्रदर्शनी के बाद दो दिनों के लिए खेल कूद की प्रतियोगिताए राखी गयी थी | क्रिकेट मैच , खो खो ,लम्बी कूद ,ऊँची कूद आदि खेलो में कई छात्रों ने भाग लिया | आखिरी दिन मनोरंजन कार्यक्रम रखा गया था | अंत में स्पर्धा के विजेताओ को पुरारास्कर दिए गए | मुझे अच्छा क्रिकेट खेलने के बदले में प्रथम पुरस्कार मिला हमारा यह वार्षिक महोत्सव बड़ा सफल रहा | आजकल तुम्हारे स्कुल में क्या प्रवृति चल रही है ? तुम्हारे माता पिता को मेरे प्रणाम ,और भाई बहनों को प्यार | तुम्हारा मित्र , भ्रुगेश
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Question 83 Marks
चाचाजी ने संदीप पाठक को उसके जन्मदिन पर उपहार के रूप में एक कैमरा भेजा है। संदीप, 161, उषा-किरण, तीथल रोड, वलसाड से उनका आभार मानते हुए पत्र लिखता है।
Answer

प्रेषक का पता:
संदीप पाठक
161, उषा-किरण
तीथल रोड, वलसाड

दिनांक:
04 अगस्त 2025

प्राप्तकर्ता का पता:
प्रिय चाचाजी
(आपका पता)

विषय: जन्मदिन पर कैमरे के उपहार हेतु आभार

प्रिय चाचाजी,
सादर प्रणाम।

मेरा जन्मदिन याद रखकर आपने जो सुंदर कैमरा उपहार स्वरूप भेजा, उसके लिए मैं आपका हृदय से आभारी हूँ। यह कैमरा बहुत अच्छा है और इससे मैं अपने जीवन के सुंदर पलों को कैद कर पाऊँगा। यह उपहार मेरे लिए अत्यंत उपयोगी और प्रिय है।

आपका आशीर्वाद और स्नेह हमेशा मुझे प्रेरणा देता है। कृपया चाचीजी को भी मेरा प्रणाम कहिए।

आपका स्नेही
संदीप पाठक

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Question 93 Marks
15, तृप्ति सदन, गांधी रोड, राजकोट से अरुणा भावनगर-निवासिनी अपनी सखी गीता को राष्ट्रभाषा हिन्दी का महत्त्व समझाकर हिन्दी की परीक्षा देने का अनुरोध करती हुई पत्र लिखती है।
Answer

15, तृप्ति सदन
गांधी रोड
राजकोट

दिनांक: 04 अगस्त 2025

प्रिय सखी गीता,

सप्रेम नमस्ते।
आशा है तुम स्वस्थ एवं प्रसन्न होगी। आज मैं तुम्हें एक विशेष विषय पर लिख रही हूँ — राष्ट्रभाषा हिन्दी का महत्व।

हिन्दी हमारी पहचान और संस्कृति की आत्मा है। यह न केवल हमारे देश की एकता का प्रतीक है, बल्कि पूरे भारत में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा भी है। हिन्दी सीखने से हमें अपने देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

मैं तुम्हें आग्रह करती हूँ कि तुम भी हिन्दी की परीक्षा अवश्य दो। यह तुम्हारे ज्ञान में वृद्धि करेगी और तुम्हें भाषा की सुंदरता एवं साहित्य की गहराई समझने का अवसर मिलेगा।

आशा है कि तुम मेरे सुझाव पर विचार करोगी और परीक्षा में भाग लोगी। तुम्हारे उत्तर की प्रतीक्षा रहेगी।

तुम्हारी सखी
अरुणा

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पत्र लेखन - Hindi STD 9 Questions - Vidyadip