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काव्य-खण्ड - 2 संत रैदास question types

14 questions across 3 question groups — pick any mix to generate a Hindi [NON NCERT] paper with step-by-step answer keys.

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Sample Questions

काव्य-खण्ड - 2 संत रैदास questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

रैदास का कौन-सा पद प्रसिद्ध है?
  • मन लागो यार फकीरी में
  • B
    अब की बरस भेज भैया को बाबुल
  • C
    चलो मन गंगा जमुना तीर
  • D
    कौन ठगवा नगरिया लूटल हो

Answer: A.

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प्रभु जी तुम स्वामी हम दासा। ऐसी भक्ति करै रैदासा।।
(अ) ‘प्रभु जी तुम स्वामी हम दासा’ — इस पंक्ति में भक्त और ईश्वर का कैसा संबंध बताया गया है?
(ब) 'ऐसी भक्ति करै रैदासा' — रैदास जी कैसी भक्ति की बात कर रहे हैं?
(स) इस दोहे से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
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प्रभु जी तुम दीपक हम बाती। जाकी जोति बरै दिन राती।।
प्रभु जी तुम मोती हम धागा। जैसे सोनहिं मिलत सोहागा।।
(अ) 'प्रभु जी तुम दीपक हम बाती' — इस पंक्ति में कौन-सा भाव प्रकट किया गया है?
(ब) ‘प्रभु जी तुम मोती हम धागा’ — इस उपमा का क्या तात्पर्य है?
(स) ‘जैसे सोनहिं मिलत सोहागा’ — इस पंक्ति में किस प्रकार की उपमा दी गई है और उसका क्या अर्थ है?
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प्रभु जी तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अंग बास समानी।।
प्रभु जी तुम घन बन हम मोरा। जैसे चितवत चंद चकोरा।।
(अ) ‘प्रभु जी तुम चंदन हम पानी’ — इस पंक्ति में भक्त और प्रभु के बीच किस प्रकार का संबंध दिखाया गया है?
(ब) ‘प्रभु जी तुम घन बन हम मोरा’ — यहाँ ‘घन’ और ‘मोरा’ के प्रतीकों का क्या अर्थ है?
(स) ‘जैसे चितवत चंद चकोरा’ — इस पंक्ति में कौन-सी उपमा दी गई है और उसका क्या अर्थ है?
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