Question
लेखक ने नेशनल पार्क पहुँचने पर क्या देखा ?

Answer

लेखक ने नेशनल पार्क पहुँचने पर देखा कि कोई सात-आठ सिंह लेटे या सोए हुए थे और उन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं। तुर्रा यह कि सिंहों को पहचानने की कोई इच्छा ही नहीं थी कि हमें देखने को आने वाले लोग कौन हैं ? लेखक वहाँ आधा घंटा ठहरा था। इस बीच एक सिंह ने उठकर जम्हाई ली, दूसरे ने देह को ताना, मगर हमारी ओर किसी भी सिंह ने नज़र नहीं उठाई।

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“असम, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। इसके साथ असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।”
बुझा दीप झाँसी का तब डहलौज़ी मन में हरषाया,
राज्य हड़प करने का उसने यह अच्छा अवसर पाया,
फौरन फ़ौजें भेज दुर्ग पर अपना झंडा फहराया,
लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया,
अश्रपूर्ण रानी ने देखा
झाँसी हुई बिरानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी॥
QUESTION:
Q.1. झाँसी का दीप बुझने से कवयित्री का क्या आशय है?
(A) राज्य में अंधकार छा गया (B) राज्य पराधीन हो गया (C) लक्ष्मीबाई की मृत्यु (D) युद्ध में हार
Q.2. डहलौज़ी मन-ही-मन क्यों प्रसन्न हुआ?
(A) डहलौज़ी को अब अवसर मिल गया कि वह झाँसी राज्य को अंग्रेज़ी राज्य में मिला सकता था। (B) डहलौजी झाँसी पर हमला करना चाहता था। (C) वह लावारिस राज्य का वारिस बनना चाहता था। (D) सभी कथन सत्य हैं
प्रकृति का जादू’ किसे कहा गया है?
हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीत कौन-कौन से हैं?
नीचे वाक्यों को जोड़ने वाले कुछ और अव्यय दिए गए हैं। उन्हें रिक्त स्थानों में लिखो। इन शब्दों से तुम भी एक-एक वाक्य बनाओ-

बल्कि/ इसलिए/ परंतु/ कि/ यदि/ तो/ नकि/ या/ ताकि

सब्ज़ी कटवा कर रखना _______ घर आते ही मैं खाना बना लूँ।

हमें अपनी जिह्वा से सोच-समझकर क्यों बोलना चाहिए?
बाबा भारती घोड़े की किस प्रकार सेवा करते थे?
लक्ष्मी थी या दुर्गा थी वह स्वयं वीरता की अवतार,
देख मराठे पुलकित होते उसकी तलवारों के वार,
नकली युद्ध, व्यूह की रचना और खेलना खूब शिकार,
सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना, ये थे उसके प्रिय खिलवार,
महाराष्ट्र-कुल-देवी उसकी
भी आराध्य भवानी थी।
बुंदेले हरबोलों के मुँह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी।
QUESTION:
Q.1. वीरता की अवतार किसे कहा गया है?
(A) दुर्गा को (B) भवानी को (C) लक्ष्मी को (D) लक्ष्मीबाई को
Q.2. लक्ष्मीबाई को तलवार चलाते देख कौन प्रसन्न होते थे?
(A) बुंदेले (B) मराठे (C) गुजराती (D) पंजाबी
Q.3. लक्ष्मीबाई को दुर्गा का अवतार क्यों कहा जाता था?
Q.4. मराठे क्यों पुलकित होते थे?
  1. मोहन ने केला और संतरा खाया।
  2. मोहन ने केला और संतरा नहीं खाया।
  3. मोहन ने क्या खाया?
  4. मोहन केला और संतरा खाओ।

उपर्युक्त वाक्यों में से पहला वाक्य एकांकी से लिया गया है। बाकी तीन वाक्य देखने में पहले वाक्य से मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ अलग-अलग हैं। पहला वाक्य किसी कार्य या बात के होने के बारे में बताता है। इसे विधिवाचक वाक्य कहते हैं। दूसरे वाक्य का संबंध उस कार्य के न होने से है, इसलिए उसे निषेधवाचक वाक्य कहते हैं। (निषेध का अर्थ नहीं या मनाही होता है।) तीसरे वाक्य में इसी बात को प्रश्न के रूप में पूछा जा रहा है, ऐसे वाक्य प्रश्नवाचक कहलाते हैं। चौथे वाक्य में मोहन से उसी कार्य को करने के लिए कहा जा रहा है। इसलिए उसे आदेशवाचक वाक्य कहते हैं। आगे एक वाक्य दिया गया है। इसके बाकी तीन रूप तुम सोचकर लिखो

बताना- रुथ ने कपड़े अलमारी में रखे।

गोल चमकीले रोड़े को यदि दरिया और आगे ले जाता तो क्या होता? विस्तार से उत्तर लिखो।