Question
'मंगलम्' पाठ के आधार पर सत्य का स्वरूप बतायें।

Answer

'मंगलम्' पाठ में सत्य की अवधारणा के बारे में बताया गया है। सत्य का मुख हिरण्यमय पात्र से ढँका हुआ है। सत्य और धर्म की वास्तविक अवस्था के दर्शन हेतु सूर्य से प्रार्थना की गई है कि वे इसे हटा दें। सत्य के रास्ते पर चलने वाला मानव अपने जीवन में व्याप्त सभी शोकों को पार कर जाता है तथा संसार की श्रेष्ठतम अवस्था पाकर अपना जन्म धन्य कर लेता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

मध्यकाल में भारतीय समाज में फैली कुरीतियों का वर्णन अपने शब्दों में करें।
दानवीर कर्ण के चरित्र पर प्रकाश डालें।
अलसशला के कर्मियों ने आलसियों को आग से कैसे और क्‍यों निकाला ?
शास्त्रमानवेभ्यः किं शिक्षयति?
कविदामोदर गुप्त के अनुसार पाटलिपुत्र कैसा नगर है?###दामोदर गुप्त ने पटना के संबंध में क्या लिखा है ?
'विश्वशान्तिः' पाठ के आधार पर उदार हृदय पुरुष का लक्षण बतायें।
'शंकरचरितम्' काव्य की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
'कर्णस्य दानवीरता' पाठ के नाटककार कौन हैं? कर्ण किसका पुत्र था तथा उन्होंने इंद्र को दान में क्या दिया?
देवगण भारत के गीत क्यों गाते हैं? पठित-पाठ के आधार पर उत्तर तीन से पाँच वाक्यों में लिखें।###देवगण किसका गीत गाते हैं और क्यों?
शास्त्र क्या है?