छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ?
क्या यह अच्छा नहीं कि ओरों की सुनता में मोन रहूँ?
सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्म-कथा?
अभी समय भी नहीं, थकी सोई हे मेरी मोन व्यथा।
(i) कवि ने अपने जीवन को केसा बताया है?
(क) बड़ा
(ख) छोटा
(ग) भरा हुआ
(घ) बच्चा
(ii) कवि ने किसे संजो कर रखा है?
(क) अपने जीवन को
(ख) नई यादों को
(ग) पुरानी यादों को
(घ) बड़ी कथाओं को
(iii) कवि आत्मकथा क्यों नहीं लिखना चाहता?
(क) क्योंकि वह बहुत खुश है
(ख) क्योंकि उसका जीवन सुख से भरा हुआ है
(ग) क्योंकि उसने जीवन में कोई
(घ) क्योंकि उसका मन नहीं है उपलब्धि प्राप्त नहीं की
(iv) पद्यांश में कवि ने किसे अच्छा माना है?
(क) अपने दुःख को
(ख) अपनी आत्मकथा लिखने को
(ग) अपने जीवन को
(घ) दूसरों की आत्मकथा सुनने को
(v) थकी सोई है मेरी मौन व्यथा- कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
(क) क्योंकि वे अपने दुखद क्षणों को
(ख) क्योंकि वे स्वयं बहुत सुखी हैं याद करना चाहते हैं
(ग) क्योंकि वे अपने मित्रों को खुश
(घ) क्योंकि वे अपने अतीत को कुरेद देखना चाहते हैं कर दुखी नहीं होना चाहते