लॉकडाउन में गरीब
ये वाकया उस वक्त का है जब पूरे देश में कोरोना के कारण लॉकडाउन लगा हुआ था। में जहाँ रहता हूँ, वहाँ से थोड़ी दूर एक बस्ती है जिसमें गरीब मजदूर रहते हैं। हुआ ऐसा कि एकदिन में वहाँ से गुजर रहा था, तो मेंने एक झोपड़े से कुछ आवाजें सुनी। उस घर के बच्चे भूखे थे ओर वे खाना माँग रहे थे। मेंने पास ही खड़े एक आदमी से पूछा कि कुछ कठिनाई हे क्या? मेरी बात सुनकर वो बोला कि बंदी होने के कारण सारे काम बंद हैं ओर काम नहीं होने के कारण हमें पेसे नहीं मिल रहे हैं। लगभग पूरे बस्ती की यही स्थिति थी कि सभी घरों में खाने की सामग्री या तो नहीं थी या फिर बहुत कम थी। इस पर मेंने उनसे पूछा कि सरकार ने तो सभी के लिए खाने की व्यवस्था मुफ्त में की है, तो उनमें से एक ने कहा कि हम अपना राशन लेने के लिए गए थे लेकिन हमें कुछ भी नहीं मिला और हमें बताया गया कि अनाज आया ही नहीं है।
में ओर मेंरे कुछ दोस्तों ने मिलकर इनकी मदद करने की ठानी। हम सभी अपने घरों से कुछ राशन लेकर आए ओर आस पास ओर लोगों को भी मदद के लिए प्रोस्साहित किया ताकि 2-3 दिन के लिए उन्हें भोजन मिल जाए। इसी बीच एक NGO ने आकर उनके भोजन की व्यवस्था करने का भरोसा दिया।