Question types

Model Paper 3 question types

46 questions across 17 question groups — pick any mix to generate a HINDI - B (स्पर्श) paper with step-by-step answer keys.

46
Questions
17
Question groups
5
Question types
01

अनुच्छेद पढ़कर उत्तर दीजियेः (गद्य)

1 Q
02

2 Marks Question(गद्य)

4 Q
03

काव्य पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजियेः(पद्य)

1 Q
04

2 Marks Question(पद्य)

4 Q
05

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में दीजिए: (पूरक पाठ्यपुस्त)

3 Q
06

गद्यांशों को पढ़कर उत्तर लिखिए|

2 Q
07

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए (उपसर्ग)

3 Q
08

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए (प्रत्यय)

3 Q
09

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए (स्वर संधि)

4 Q
10

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए (विराम चिन्ह)

3 Q
11

निम्नलिखित प्रश्नों में से निर्देशानुसार किन्हीं दो प्रश्नों का उत्तर दीजिए |

3 Q
12

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए (मानक रूप)

3 Q
13

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए (वाक्य भेद)

4 Q
14

अनुच्छेद लेखन (5M)

3 Q
15

पत्र लेखन(5M)

2 Q
16

नीचे दिए गए चित्र को देखकर लगभग 100 शब्दों में वर्णन कीजिए।

1 Q
17

संवाद लेखन

2 Q
Sample Questions

Model Paper 3 questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये:
दोपहर बाद मैंने अपने दल के दूसरे सदस्यों की मदद करने और अपने एक थरमस को जूस से और दूसरे को गरम चाय से भरने के लिए नीचे जाने का निश्चय किया। मैंने बर्फीली हवा में ही तंबू से बाहर कदम रखा। जैसे ही मैं कैंप क्षेत्र से बाहर आ रही थी मेरी मुलाकात मीनू से हुई। की और जय अभी कुछ पीछे थे। मुझे जय जेनेवा स्पर की चोटी के ठीक नीचे मिला। उसने कृतज्ञतापूर्वक चाय वगैरह पी, लेकिन मुझे और आगे जाने से रोकने की कोशिश की। मगर मुझे की से भी मिलना था। थोड़ा-सा और आगे नीचे उतरने पर मैंने की को देखा। वह मुझे देखकर हक्का-बक्का रह गया।
"तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री?"
मैंने उसे दृढ़तापूर्वक कहा, "मैं भी औरों की तरह एक पर्वतारोही हूँ, इसीलिए इस दल में आई हूँ। शारीरिक रूप से मैं ठीक हूँ। इसलिए मुझे अपने दल के सदस्यों की मदद क्यों नहीं करनी चाहिए।" की हँसा और उसने पेय पदार्थ से प्यास बुझाई, लेकिन उसने मुझे अपना किट ले जाने नहीं दिया।

(i) दल से दूसरे सदस्यों की सहायता हेतु लेखिका ने क्या करने का निश्चय किया?
क) सभी विकल्प सही है
ख) वापस नीचे जाने का
ग) ऑक्सीजन लेकर जाने का
घ)रस्सी को मजबूती से बाँधने का

(ii) लेखिका बर्फीली हवा में ही तंबू से बाहर क्यों निकली?
क)उसे वहाँ गर्मी लग रही थी
ख) उसे पीछे रह गए अपने साथियों की मदद करनी थी
ग) वह अपने साथियों को ढूँढना नहीं चाहती थी
घ) उसके साथी उससे आगे चले गए थे

(iii) जय ने लेखिका को और आगे जाने से रोकने का प्रयास क्यों किया?
क) क्योंकि आगे जाने में खतरा था
ख) इनमें से कोई नहीं
ग) क्योंकि आगे जाने मे जय का परशानी हो रही थी
घ) क्योंकि जय को लेखिका स कुछ बात करनी थी

(iv) की लेखिका को देखकर हक्का-बक्का क्यों रह गया था?
क) क्योंकि वह दुर्गम मार्ग पर साथियों की सहायता के लिए पुनः वापस आई थी
ख) क्योंकि वह काफी डरी हुई थी
ग) क्योंकि वह चाय बनाकर लाई थी
घ) क्योंकि वह अकेले दुर्गम मार्ग पर नहीं जाना चाहती थी

(v) इसलिए मुझे अपने दल के सदस्यों की मदद क्यों नहीं करनी चाहिए कथन से लेखिका के किस स्वभाव का पता चलता है?
क) साहसी होने का
ख) साहसी और परोपकारी होने का
ग) इनमें से कोई नहीं
घ) परोपकार की भावना होने का
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महादेव भाई की अकाल मृत्यु का कारण क्या था? शुक्र तारे के समान पाठ के आधार पर लिखिए।
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तुम कब जाओगे, अतिथि पाठ में आए कथन की व्याख्या कीजिए- अंदर ही अंदर कहीं मेरा बटुआ काँप गया।
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अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये:
"रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।
जहाँ काम आवे सूई, कहा करे तलवारि।।"

(i) बडी चीज को देखकर किसी छोटी चीज की उपेक्षा नहीं करने का क्या अर्थ है?
क) बड़ी चीज का महत्त्व सब जगह होता है
ख) हर चीज का अपना महत्त्व है
ग) केवल छोटी चीज ही काम की होती है
घ) छोटी चीज कम काम की होती है

(ii) कवि के अनुसार सूई के स्थान पर क्या काम नहीं आता है?
क)डोरी
ख) धागा
ग) तलवार
घ) तार

(iii) प्रस्तुत दोहे में सूई किसका प्रतीक है?
क) असमर्थ का
ख) बड़े या प्रभावशाली का
ग) छोटे या कमजोर का
घ) शक्तिशाली का

(iv) प्रस्तुत दोहे के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
क) बड़े को देखकर छोटे की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए
ख) सभी विकल्प सही हैं 
ग) सभी का अपना-अपना महत्त्व है
घ) कोई दूसरे का स्थान नहीं ले सकता

(v) छोटी-से-छोटी वस्तु का अपना महत्त्व है, इस बात को सिद्ध करने के लिए रहीम ने किसका उदाहरण दिया है?
क) कमल और कीचड़ का
ख) समुद्र और मछली का
ग) सूई और धागे का
घ) सूई और तलवार का
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व्याख्या कीजिए-
समय बहुत कम है तुम्हारे पास
आ चला पानी ढहा आ रहा अकास
शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर
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प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंध की व्याख्या कीजिए। गीत-अगीत के आधार पर लिखिए।
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टीलियामुरा कस्बे में लेखक का परिचय किन दो प्रमुख हस्तियों से हुआ? समाज कल्याण के कार्यों में उनका क्या योगदान था? कल्लू कुम्हार की उनाकोटी पाठ के आधार पर लिखिए।
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लेखिका के पास कई पशु-पक्षी थे, जिनसे लेखिका का पशु-पक्षी प्रेम स्पष्ट होता है। इसके बावजूद गिल्लू उनमें विशिष्ट कैसे था?
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निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
जिस मनुष्य ने अपने भावों को व्यापक बना लिया हो, जिसने विश्व की आत्मा से समन्वय स्थापित कर लिया हो, वही महान साहित्यकार हो सकता है। जिसकी आत्मा विशाल हो जाती है वह हँसने वालों के साथ हँसता है; रुदन करने वालों के साथ रुदन करता है; ऐसा साहित्य एक देश का होने पर भी सार्वभौम होता है। रामायण और महाभारत देशकाल से बँधे हुए नहीं, इसलिए वे अमर-काव्य हैं। मनुष्य जीवन संघर्ष में अपना देवत्व खो देता है, साहित्य उसे पुन: देवत्व प्रदान करता है। साहित्य उपदेशों से नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं को प्रेरित करके हममें ऊँची भावनाएँ जगाता है। साहित्य आदर्शों को स्थापित करके मनुष्य के जीवन का उन्नयन करता है। उसमें नैतिक मूल्यों का संचार करता है। सर्वसामान्य के प्रति प्रेम-भाव उत्पन्न करता है। भ्रष्टाचारियों और अनाचारियों के प्रति रोष जगाकर समाज को स्वच्छ बनाता है।

1. कौन सा काव्य अमर हो जाता है? (1)
(क) जो काव्य मनुष्य के जीवन का उन्नयन करता है
(ख) जो काव्य देशकाल से बँधा नहीं होता
(ग) जो काव्य हममें ऊँची भावनाएँ जगाता है
(घ) जो काव्य समाज को स्वच्छ बनाता है

2. मनुष्य को पुनः देवत्व कौन प्रदान करता है? (1)
(क) साहित्यकार
(ख) काव्य
(ग) साहित्य
(घ) प्रेम-भाव

3. साहित्यकार महान कैसे हो सकता है? (1)
(क) आत्मा को विशाल बनाकर
(ख) अपने भावों को व्यापक बनाकर
(ग) आदर्शों को स्थापित करके
(घ) समाज को स्वच्छ बनाकर

4. लेखक ने रामायण व महाभारत को कैसा काव्य बताया और क्यों? (2)
5. मानव जीवन में साहित्य का क्या महत्व है? (2)
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निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
गीता के इस उपदेश की लोग प्रायः चर्चा करते हैं कि कर्म करें, फल की इच्छा न करें। यह कहना तो सरल है पर पालन करना उतना सरल नहीं। कर्म के मार्ग पर आनन्दपूर्वक चलता हुआ उत्साही मनुष्य यदि अन्तिम फल तक न भी पहुँचे, तो भी उसकी दशा कर्म न करने वाले की अपेक्षा अधिकतर अवस्थाओं में अच्छी रहेगी, क्योंकि एक तो कर्म करते हुए उसका जो जीवन बीता वह संतोष या आनन्द में बीता, उसके उपरांत फल के प्राप्त न होने पर भी उसे यह पछतावा न रहा कि मैंने प्रयत्न नहीं किया। फल पहले से कोई बना-बनाया पदार्थ नहीं होता। अनुकूल प्रयत्न-कर्म के अनुसार, उसके एक-एक अंग की योजना होती है। किसी मनुष्य के घर का कोई प्राणी बीमार है। वह वैद्यों के यहाँ से जब तक औषधि ला-लाकर रोगी को देता जाता है तब तक उसके चित्त में जो संतोष रहता है, प्रत्येक नए उपचार के साथ जो आनन्द का उन्मेष होता रहता है-यह उसे कदापि न प्राप्त होता, यदि वह रोता हुआ बैठा रहता। प्रयत्न की अवस्था में उसके जीवन का जितना अंश संतोष, आशा और उत्साह में बीता, अप्रयत्न की दशा में उतना ही अंश केवल शोक और दु:ख में कटता। इसके अतिरिक्त रोगी के न अच्छे होने की दशा में भी वह आत्म-ग्लानि के उस कठोर दु:ख से बचा रहेगा जो उसे जीवन भर यह सोच-सोच कर होता कि मैंने पूरा प्रयत्न नहीं किया। कर्म में आनन्द अनुभव करने वालों का नाम ही कर्मण्य है। धर्म और उदारता के उच्च कर्मों के विधान में ही एक ऐसा दिव्य आनन्द भरा रहता है कि कर्ता को वे कर्म ही फलस्वरूप लगते हैं। अत्याचार का दमन और शमन करते हुए कर्म करने से चित्त में जो तुष्टि होती है। वही लोकोपकारी कर्मवीर का सच्चा सुख है।

1. गद्यांश में गीता के किस उपदेश की ओर संकेत किया गया है? (1)
(क) फल पहले से कोई बना-बनाया पदार्थ नहीं होता
(ख) कहना तो सरल है पर पालन करना उतना सरल नहीं
(ग) फल के बारे में सोचें
(घ) कर्म करें फल की चिंता नहीं करें

2. "कर्मण्य किसे कहा गया है? (1)
(क) फल के चिंतन में आनन्द का अनुभव करने वालों को
(ख) काम करने में आनन्द का अनुभव करने वालों को
(ग) काम न करने वालों को
(घ) अधिक सोचने वालों को

3. _________ कर्म करते हुये चित्त में संतोष का अनुभव ही कर्मवीर का सुख माना गया है। (1)
(क) अत्याचार का दमन और शमन करने की भावना से
(ख) आत्म-ग्लानि की भावना से
(ग) संतोष या आनन्द की भावना से
(घ) उपचार की भावना से

4. कर्म करने वाले को फल न मिलने पर भी पछतावा क्यों नहीं होता? (2)
5. घर के बीमार सदस्य का उदाहरण क्यों दिया गया है? (2)
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स्वास्थ्य की रक्षा विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
• आवश्यकता
• पोषक भोजन
• लाभकारी सुझाव
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अपनी मातृभाषा विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
• मातृभाषा का अर्थ
• मातृभाषा की विशेषताएँ
• मातृभाषा का महत्त्व
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आज़ादी का अमृत महोत्सव विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
• आजादी की 75वीं वर्षगाँठ
• विभिन्न गतिविधियों का संगम
• स्वतंत्रता सेनानियों का परिचय/स्मरण
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विदेश में रहने वाले अपने मित्र को भारतीय पर्वों की विशेषताएँ बताते हुए लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए।
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उत्तराखण्ड आपदा में स्वयं भोगी कठिनाइयों का वर्णन करने हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए।
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खेल के मैदान पर फुटबॉल टीम के कैप्टन और गोलकीपर के बीच हुए संवाद को लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए।
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एक पड़ोसी, रोज सुबह अखबार माँग कर पढ़ने ले जाते हैं, उनके विषय में पति और पत्नी के बीच होने वाले संवाद को लगभग 50 शब्दों में लिखिए।
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