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2 Marks Question(गद्य)

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Question 12 Marks
महादेव भाई की अकाल मृत्यु का कारण क्या था? शुक्र तारे के समान पाठ के आधार पर लिखिए।
Answer
सन् 1934-35 में गाँधी जी वर्धा के महिला आश्रम में और मगनबाड़ी में रहने के बाद अचानक मगनबाड़ी से चलकर गाँव की सरहद पर एक पेड़ के नीचे जा बैठे। उसके बाद वहाँ एक-दो झोंपड़े बने और फिर धीरे-धीरे मकान बनकर तैयार हुए, तब तक महादेव भाई, दुर्गा बहन और चि. नारायण के साथ मगनबाड़ी में रहे। वहीं से वे वर्धा की असह्य गर्मी में रोज सुबह पैदल चलकर सेवाग्राम पहुँचते थे। वहाँ दिन भर काम करके शाम को वापस पैदल आते थे। आते-जाते पूरे 11 मील चलते थे। रोज-रोज का यह सिलसिला लम्बे समय तक चला। कुल मिलाकर इसका जो प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, वही उनकी अकाल मृत्यु का कारण बना।
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Question 22 Marks
वाद्ययंत्रों पर की गई खोजों से रामन् ने कौन सी भ्रांति तोड़ने की कोशिश की?
Answer
उस दौर के लोगों का मानना था भारतीय वाद्ययंत्र पश्चिमी वाद्ययंत्र की तुलना में घटिया होते हैं। रामन् ने वर्षों से फैली भ्रांति एवं गलत सोच को अपनी खोजों से बदलने एवं भारतीय वाघयंत्र विदेशी वाघयंत्रों की तुलना में घटिया है इस सोच को वाघयंत्रों पर की गई खोजों से तोड़ने की कोशिश की।
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Question 32 Marks
तुम कब जाओगे, अतिथि पाठ में आए कथन की व्याख्या कीजिए- अंदर ही अंदर कहीं मेरा बटुआ काँप गया।
Answer
अन्दर ही अन्दर बटुआ काँप जाने से लेखक का अर्थ अतिथि के घर आने से उनके रहने और खाने-पीने से होने वाले खर्चे से है क्योंकि किसी अतिथि के घर में आने से उसके आदर सत्कार में बहुत खर्च हो जाता है। खर्चा बढ़ने से लेखक का मन डरने लगा। इसी कारण लेखक का अन्दर ही अन्दर बटुआ काँप गया।
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Question 42 Marks
खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया को रोते देखकर लेखक चाहकर भी क्या न कर सका?
Answer
खरबूजे बेचने वाली बुढ़िया को रोता देखकर लेखक ने उसके दुख को महसूस किया। वह बुढ़िया के पास बैठकर अपने हृदय की अनुभूति प्रकट करना चाहता था, पर अपनी पोशाक के कारण चाहकर भी ऐसा न कर सका।
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2 Marks Question(गद्य) - HINDI - B (स्पर्श) STD 9 Questions - Vidyadip