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Question 18 Marks
दहेज $-$ एक दूषण
Answer
लड़की की शादी के समय वरपक्ष की द्वारा चीजें 'दहेज' कहलाती हैं। लड़की के माँ$-$बाप अपनी बेटी को यथाशक्ति कपड़े, बरतन और गहने देते हैं। धनिक परिवारों के लोग ज्यादा दहेज दे सकते हैं परंतु गरीब परिवारों का क्या ?
कई समाजों में तो शादी के समय वरपक्ष द्वारा माँगी चीजें देनी ही पड़ती हैं। यदि नहीं दी तो शादी टूट जाती हैं। इसके कारण कई गरीब माता$-$पिता लाचार बन जाते हैं और कन्या अपमृत्यु का शिकार बन जाती हैं। दहेज हमारे समाज का एक बड़ा दूषण है। पढ़े$-$लिखे लोगों को दहेज देना भी नहि चाहिए और लेना भी नहीं चाहिए।
दहेज के स्थान पर हमें कन्या के गुण देखने चाहिए। दहेज लेना या देना पाप है। दहेज के कारण कई लोग बेटी का जन्म होते ही उसका गला दबा देते है। यह कितना बड़ा पाप ? हमें सदा के लिए दहेज को तिलांजली देनी होगी।
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Question 28 Marks
मेरा भारत महान
Answer
हमारे देश का नाम भारत है। हमारे देश को हिन्दुस्तान भी कहते हैं। हमारे देश में हिन्दू, मुसलमान, सिक्ख, ईसाई आदि धर्म मनानेवाले लोग रहते हैं। ये लोग अपना$-$अपना धर्म पालते हैं, अपनी अपनी भाषा बोलते हैं और अपना अपना पहनावा पहनते हैं, फिर भी मिल$-$ झुलकर रहते हैं। यही हमारे देश की विशेषता है।
हमारे देश के उत्तर में हिमालय हमारी रक्षा करता है। हमारे देश की दक्षिण, पूर्व और पश्चिम दिशाओं में महासागर हैं। इस प्रकार हमारा देश चारों ओर से प्रकृति से घिरा हुआ है। हमारे देश की प्राकृतिक शोभा निराली
हमारे देश में गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्रा, कृष्णा, गोदावरी आदि नदियाँ बहती हैं। वे हमारे देश को हराभरा रखती हैं। हमारे यहाँ कृषि मुख्य व्यवसाय है। हमारा देश राम, कृष्ण, महावीर और बुद्ध की जन्मभूमि है। हमारे देश में वाल्मीकि, व्यास, नानक, मीरां, कबीर और तुलसी जैसे संत हो गए हैं। हमारे देश में गाँधीजी, जवाहरलाल, लालबहादुर शास्त्री, वल्लभभाई, सुभाषचंद्र, विवेकानंद जैसे महापुरुष हुए हैं।
हमारे देश में कई तीर्थस्थान, ताजमहल, कुतुबमिनार, अजंता की गुफ़ाएँ, साबरमती आश्रम आदि देखनेलायक स्थान है।
स्वतंत्रता के बाद हमारे देश ने बहुत प्रगति की है। देश में बड़े$-$बड़े कल कारखाने बने हैं। दिल्ली हमारे देश की राजधानी का शहर है। मुझे भारत देश पर बहुत गर्व है।
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Question 38 Marks
मेरी माँ
Answer
'माँ' शब्द कितना मीठा है। इसे सुनते ही हृदय प्यार से भर जाता है।मेरी माँ ममता की मूर्ति है। वह मुझे बहुत प्यार करती है। वह मेरे खाने$-$ पीने, सोने$-$जागने आदि का पूरा खयाल रखती है। वह हर तरह से मेरी देखभाल करती है। जब कभी मैं बीमार पड़ता हूँ, तब वह बेचैन हो जाती है। वह तुरंत मुझे डॉक्टर के पास ले जाती है।
मुझसे कोई गलती हो जाने पर भी माँ नाराज नहीं होती। वह चाहती है कि मैं बड़ा आदमी बनूँ और खूब नाम कमाऊँ। इसलिए वह मेरी पढ़ाई-लिखाई आदि का पूरा खयाल रखती है। कोई सीख या जानकारी वह मुझको प्यार से देती है।
मेरी माँ का स्वभाव बहुत अच्छा है। वह खूब मेहनती है। माँ के हाथ का
बना हुआ भोजन मुझे बहुत अच्छा लगता है।
मैं अपनी माँ से बहुत प्यार करता हूँ। उसे खुश रखना मैं अपना कर्तव्य समझता हूँ।
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Question 48 Marks
मेरे प्रिय शिक्षक
Answer
हमारे विद्यालय में कई शिक्षक हैं। मैं उन सबका बहुत सम्मान करता हूँ। इन सबमें श्री गिरिजानंदन शर्मा मेरे प्रिय शिक्षक हैं।शर्माजी की आयु करीब $45$ वर्ष है। वे लंबे, गोरे और स्वस्थ व्यक्ति है। शर्माजी अकसर सफेद कमीज और नीली पेंट पहनते हैं। उनकी वाणी मधुर है। उन्हें कभी गुस्सा नहीं आता।
शर्माजी बहुत विद्वान हैं। हिंदी और अंग्रेजी उनके प्रमुख विषय हैं। अन्य विषयों पर भी उनका अच्छा अधिकार है। छोटी$-$छोटी कहानियों द्वारा वे कठिन विषय को भी सरल और रोचक बना देते हैं।
शर्माजी विद्यालय की अन्य प्रवृत्तियों में भी रुचि लेते हैं। वे क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी हैं। उनकी देखरेख में हमारे विद्यालय की क्रिकेट टीम कई प्रतियोगिताएँ जीत चुकी है । शर्माजी नाटक, वाद$-$विवाद, निबंध आदि की प्रतियोगिताओं के लिए भी विद्यार्थियों का उचित मार्गदर्शन करते हैं।
शर्माजी विद्यार्थियों के प्रति बहुत स्नेह रखते हैं। वे विद्यार्थियों की मदद करने के लिए सदा तत्पर रहते हैं। वे गरीब विद्यार्थियों की आर्थिक सहायता भी करते हैं। सादगी, सरलता और मिलनसार स्वभाव के कारण श्री गिरिजानंदन शर्मा मेरे प्रिय शिक्षक हैं।
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Question 58 Marks
मेरा प्रिय खेल : क्रिकेट 
Answer
हम सभी लोग कई सारे खेल खेलते है । मैं भी कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो, बेडमिंटन और क्रिकेट जैसे खेल खेलता हूँ । पर इन सब में मेरा प्रिय खेल है क्रिकेट । मैं अपने घर के पास और अपनी स्कूल में क्रिकेट खेलता हूँ । स्कूल की क्रिकेट टीम का मैं 'ऑल-राउंडर' खिलाड़ी हूँ । पिछले साल का स्कूल क्रिकेट टूर्नामेन्ट का कप भी हम ही जीते थे।
मेरा क्रिकेट के प्रति लगाव देखकर पिताजी भी बहुत खुश होते हैं । वह हमेशा मुझे एक अच्छाखिलाड़ी बनने की सीख देते है।
क्रिकेट खेलने के कारण मेरे शरीर की अच्छी कसरत भी हो जाती है। क्रिकेट के कारण ही मुझ में अनुशासन तथा सहयोग के गुण विकसित हुए हैं ।
मैं बड़ा होकर क्रिकेट की दुनिया में खुब नाम कमाना चाहता हूँ । मैं अपना तथा अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहता हूँ। महेन्द्रसिंह धोनी और सचीन तेंदुलकर को मैं अपने क्रिकेट के जीवन में आदर्श मानता हूँ।
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Question 68 Marks
मेरा देश : भारत 
Answer
भारत मेरा देश है । भारत विश्व के सब से प्राचीन देशो में से एक है । भारत का दूसरा नाम 'हिन्दुस्तान' भी है । अंग्रेजो के शासनकाल में इसका 'इंडिया' नाम भी प्रचलित हुआ है । हमारे देश का नाम वीर और प्रतापी राजा भरत के नाम से पड़ा है । भारत एक समृद्ध राष्ट्र (देश) है । 'हिन्दी' हमारे देश की राष्ट्रभाषा है।
भारत की उत्तर दिशा में गिरिराज हिमालय है । दक्षिण में हिन्द महासागर और पश्चिम में अरब सागर स्थित है। दिल्ली हमारे देश की राजधानी है । भारत में हिन्दु, मुस्लीम, शीख, जैन, बौद्ध और ईसाई धर्म को माननेवाले लोग रहते हैं । हमारे देश में कई भाषाए बोली जाती है, जैसे हिन्दी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, संस्कृत आदि ।
भारत एक कृषि प्रधान देश है । हमारे देश के $70$ प्रतिशत लोग खेती और उस से जुड़े काम करते हैं । भारत के ज्यादातर लोग गाँव में रहते हैं । भारत में ताजमहल, कुतुबमिनार, राजस्थान के महेल, अजंता-इलोरा की गुफाएँ, दक्षिण के भव्य मंदिर आदि देखने लायक स्थान है।
भारत राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, गुरु नानक और महात्मा गांधी जैसे महापुरुषो की जन्मभूमि है । महात्मा गांधी हमारे देश के राष्ट्रपिता है।
गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्रा, नर्मदा, कृष्णा, गोदावरी आदि हमारे देश की प्रमुख नदियाँ हैं । इन नदियों के कारण ही हमारा देश समृद्ध बन सका है । मुझे मेरा भारत जान से ज्यादा प्यारा है ।
। वंदे मातरम् । 
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Question 78 Marks
स्वामी विवेकानंद 
Answer
स्वामी विवेकानंद का जन्म $12$ जनवरी सन् $1863$ में कोलकता $($कलकता$)$ में हुआ था। उनका मूल नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक वकील थे। उनकी माता भुवनेश्वरी देवी एक गृहीणी थीं।
$1884$ में पिता के निधके बाद स्वामी विवेकानंद को परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पडी। उन्होंने खराब आर्थिक हालत में खुद भूखे रहकर भी अतिथियों का सत्कार किया। $1879$में $16$ साल की उम्र में उन्होंने कलकत्ता से ऐंट्रेस पास करके ग्रेजुएशन की और बाद मैं ब्रह्म समाज में शामिल हुए। अपने गुरु से प्रेरित होकर उन्होंने सन्यासी जीवन बिताने की। दीक्षा ली और स्वामी विवेकानंद के रूप में जाने गए।
स्वामी विवेकानंद ने पैदल ही पूरे भारत की यात्रा की। $1893$ में शिकागो धर्म संसद में गए और $1896$ तक अमेरिका में रहे। स्वामि विवेकानंद ने $9$ डिसम्बर $1898$ को कलकत्ता के निकट गंगा नदी के किनारे बेलूर में 'रामकृष्ण मठ' की स्थापना की। स्वामी विवेकानंद का निधन $04$ जुलाई $1902$ में हुआ।
स्वामी विवेकानंद की शिक्षा देश की सबसे बड़ी दार्शनिक संपत्ति है। स्वामि विवेकानंद एक संत व भारत के सच्चे देशभक्त थे। उन्होंने कई विषयों पर अपने बहुमूल्य विचार दिये हैं। स्वामी विवेकानंद ने योग राजयोग तथा ज्ञानयोग जैसे ग्रंथोषकी रचनादसे भारत महकास हारा वर्षजनवरी के स्वाई विवेकानंद का जन्मदिन 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
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Question 88 Marks
मेरा यादगार प्रवास 
Answer
मुझे प्राचीन इमारतें और इतिहास से जुड़े हुए स्थानों की मुलाकात लेना बहुत पसंद है । इसिलिए पिछले साल दिपावली की छुट्टियों में हमारा पूरा परिवार राजस्थान घूमने गया था।
राजस्थान में हमने इतिहास से जुड़े कई सारे स्थानों की मुलाकात ली। यात्रा के प्रारंभ में हमने उदयपूर का महल देखा। उस महल की भव्यता को देखकर मैं तो चकित ही रह गया था । हम सबने उदयपूर मैं और भी कई स्थानों की मुलाकात ली।
उदयपूर से हमारी यात्रा को आगे बढ़ाते हुए हम भारत के एक वीर योध्धा महाराणा प्रताप के राज्य चित्तोड़गढ पहुँचे।
चित्तोड़गढ़ का किला बहुत सुंदर है। हमने हमारी यात्रा में उस स्थान की भी मुलाकात ली जहाँ पर हल्दी घाटी का युद्ध हुआ था। हमारी यात्रा के अंतीम भाग स्वरुप हम भारत देश के एक महान राजा पृथ्वीराज चौहान के राज्य अजमेर पहुँचे। अजमेर में हमने कई स्थानों की मुलाकात ली और हमारे प्रवास के अंत में हम अजमेर शरीफ़ की दरगाह पर भी गए।
सचमुच इस प्रवास से मुझे बहुत कुछ देखने और जानने को मिला। इस प्रवास की याद हमेशा मेरे साथ जुड़ी रहेगी।
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Question 98 Marks
छब्बीस जनवरी $($गणतंत्र दिन$)$ 
Answer
$15$ अगस्त और $26$ जनवरी हमारे राष्ट्रीय त्योहार है। $15$ अगस्त, $1947$ को हमारा देश आजाद हुआ था। आज़ाद होने के बाद भारत का संविधान बनाने के लिए एक 'संविधान सभा' बनी। उसने हमारे देश का संविधान बनाया। हमारे देश का संविधान $26$ जनवरी, $1950$ के दिन से लागू हुआ
इसलिए तब से हम सब इस दिन को गणतंत्र दिन के रूप में मनाते हैं। छब्बीस जनवरी का दिन पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन स्कूल और कॉलेज में हमारा राष्ट्रध्वज लहराया जाता है । देशभक्ति से जुड़े कई सारे कार्यक्रमों का आयोजन इस दिन किया जाता है। छब्बीस जनवरी के दिन सरकारी इमारतों को सजाया जाता है और देश के नेता लोगों को संबोधित करते है। छब्बीस जनवरी के दिन हमारे देश की राजधानी दिल्ली को सजाया जाता है। हमारे देश के प्रधानमंत्री स्वयं इस दिन हमारा राष्ट्रध्वज लहराते है। इस दिन हमारे देश की तीनों सेनाएँ कवायत करती है। ये सारा कार्यक्रम देखनेलायक होता है।
सचमुज, $26$ जनवरी हमारे लिए गौरव का दिन है, क्योंकि इस दिन भारत एक गणतंत्र राष्ट्र बना था। इस दिन हमें हमारे देश को और देशवासियों को हम पर गर्व हो ऐसे काम करने चाहिए।
भारत माता की जय
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Question 108 Marks
डॉ. अब्दुल कलाम
Answer
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम एक महान भारती वैज्ञानिक थे जिसने भारत के $11$ वें राष्ट्रपति के रूप में व $2002$ से $2007$ तक देश की सेवा की। वो भारत के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्ति थे क्योंकि एक वैज्ञानिक और राष्ट्रपति रूप में देश के लिए उन्होंने बहुत बड़ा योगदान दिया था।
'इसरो' के लिये दिया गया उनका योगदान अविस्मरणीय है। • बहुत सारे प्रोजेक्टस् को उनके द्वारा नेतृत्व किया गया जैसे रोहिणी-$1$ का लॉच, मिसाइलों का विकास $($अग्नि और पृथ्वी$)$ आदि। भारत की परमाणु शक्ति को सुधारने में उनके महान योगदान के लिये उन्हें 'भारत का मिसाइल मैन' कहा जाता है।
$15$ अक्टूबर सन् $1931$ को जैनुल्लाब्दीन और आशियम्मा के घर में डॉ. कलाम का जन्म हुआ। उनके परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। जिसके कारण उन्हें बहुत कम उम्र में काम करना पड़ा । सन् $1954$ में तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज से उन्होंने अपना ग्रेजुएशन और मद्रास इंस्टीट्युट से वैज्ञानिकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
डॉ. कलाम सन् $1992$ से $1999$ तक प्रधानमंत्री के मुख्यवैज्ञानिक सलाहकार और डीआरडीओ के सेक्रेटरी बने ।कलाम पहले वैज्ञानिक थे जो बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभृमि के वर्ष सन् $2002$ से $2007$ तक भारत के राष्ट्रपति थे।
डॉ. कलाम ने कई प्रेरणादायक किताबें लिखी है, जैसे इंडिया $2020$, इग्नाइटेड माइन्डस्, मिशन इंडिया आदि । कलाम को उनके द्वारा की गई सेवाओं के लिए कई पुरस्कार दिए गए है, जैसे पद्मविभूषण, भारतरत्न, रामानुजन् अवार्ड, वीर सावरकर अवार्ड, आदि ।
डॉ. कलाम आज भले ही हमारे बीच नही है, पर उनके कार्य हमें सदा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
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Question 118 Marks
विज्ञान से लाभ और हानि
Answer
विज्ञान की नई$-$नई खोजों ने हमारा जीवन बदल दिया है । आज हमारे आसपास जितने भी यंत्र है वे सभी विज्ञान की देन है। विज्ञान के आविष्कार ने मनुष्य का जीवन सुख सुविधा से भर दिया है । विज्ञान की ट्युब और पंखे की खोज मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले आई है। वैज्ञानिक खोजों के कारण कई यातायात के नए नए साधन बने है। साइकिल, स्कूटर, रिक्षा और बसों में बैठकर व्यक्ति जहाँ जाना चाहे वहाँ जा सकता है। रेलगाड़ी में बैठकर यात्री अपनी मंजिल तक पहुँच सकता है । विमान में सफर करके लंबी दूरी भी कम समय में तय कर सकता है। विज्ञान ने ऐसी मशीनों का आविष्कार किया है जो अकेली ही कई मनुष्यों का काम कर सकती हैं । कम्प्यूटर की खोज तो विज्ञान की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है । कम्प्यूटर ने हमारे जीवन में सुविधाओं को कई गुना बढ़ा दिया है। विज्ञान से हमें एक ओर कई सारे लाभ मिल रहे है तो उससे हमें हानि भी हो रही है । विज्ञान के आविष्कारों का गलत ढंग से उपयोग कर कई लोग मानवसमाज को नुकसान पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं । परमाणु बम का उपयोग होने से एक साथ लाखों लोगों की जान जा सकती है। विज्ञान एक एसी शक्ति है, जो मनुष्यजीवन को बदलने के लिए शक्तिमान है । इसलिए हमें वैज्ञानिक खोजों का सोचसमजकर उपयोग करना चाहिए ।
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Question 128 Marks
मेरा प्रिय पशु : कुत्ता ।
Answer
दुनिया में तरह$-$तरह के कई सारे प्राणी हैं। उन सभी प्राणियों की अपनी$-$अपनी विशेषताएँ है। जैसे कि गाय का दूध हमारे लिए सर्वोत्तम है । घोड़ा एक वफ़ादार प्राणी है । कुत्ता अपने मालिक और उनके घर का अच्छे से ध्यान रखता है । इसलिए कुत्ता मेरा प्रिय पशु है। कुत्ता बहुत समझदार प्राणी है । वह अपने मालिक के छोटे से इशारे को भी समझ जाता है। कुत्ते को यदि हम थोड़ा$-$सा प्रेम दे तो बड़ी आसानी से हम उसे अपना बना सकते है । कुत्ते सभी बातों को बहुत जल्दी समझ जाते है। उनकी सूंघने की शक्ति भी बहुत ही अद्भुत होती है। कुत्तों का उपयोग पुलिस भी करती है । पुलिस कुत्तों की मदद से अपराधियों को खोजती है और कई बार कुत्ते कई जगहों पर रखे गए बम को भी खोजने में पुलिस की मदद करते है। कुत्ते बहुत जल्दी नए काम सीख लेते है। इस कारण सरकस में भी कुत्तों को रखा जाता है। लोग कुत्तों के कारनामें देखकर बहुत चकित रह जाते है। कुत्ते का पालन बहुत सरल और सस्ता है। उसे हम खाने में अपनी बची$-$कुची रोटी भी देंगे तो वो खा लेता है । इस रोटी के बदले कुत्ता अपने मालिक की रक्षा के लिए अपनी जान भी दे देता है। कुत्ते की इसी वफ़ादारी के गुण के कारण कुत्ता मेरा प्रिय पशु है
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Question 138 Marks
स्वतंत्रता दिन : $15$ अगस्त
Answer
पन्द्रह अगस्त भारत की आज़ादी का दिन है । पन्द्रह अगस्त $1947$ से पहले भारत पर अंग्रेजो का राज था । भारत करीब डेढ़सौ साल तक अंग्रेजो का गुलाम रहा । हमारे देश के कई क्रांतिकारियों ने कई आंदोलन किये । कई लोगों ने आजादी की लड़ाई में अपनी जान दे दी । तब $15$ अगस्त $1947$ के दिन हमारा देश आज़ाद हुआ । इसलिए हर साल हम इस दिन को हमारे देश के 'स्वतंत्रता दिन' के रुप में मनाते है। पन्द्रह अगस्त हमारा राष्ट्रीय त्यौहार है । हम हर साल यह त्यौहार मनाकर हमारे देश की रक्षा करने का संकल्प लेते है। इस दिन हम उन शहीदों को याद करते है जिन्होने हमारे देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपने प्राण समर्पित कर दिए । उनके त्याग और बलिदान के बारे में जानकर हमें हमारी स्वतंत्रता का महत्त्व समज में आता है। पन्द्रह अगस्त के दिन सार्वजनिक छुट्टी रहती है। इस दिन सुबह से ही चारों और खुशी का माहोल होता है। जगह$-$जगह पर ध्वजवंदन किया जाता है। इस दिन स्कूल$-$कालेजों में तरह$-$तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है । सरकारी इमारतों पर तिरंगा झंडा लहराया जाता है । आकाशवाणी और दूरदर्शन पर देशभक्ति को जाग्रत करनेवाले कार्यक्रम पेश किए जाते पन्द्रह अगस्त के दिन दिल्ली में बहुत शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है । हमारे देश के प्रधानमंत्री लाल किल्ले पर तिरंगा झंडा लहराते है। इस अवसर पर वे राष्ट्र को संबोधित भी करते है। हमारा स्वतंत्रता दिन हमें खूब उत्साह से मनाना चाहिए । भारतमाता की जय $!$ वंदे मातरम् $!$
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Question 148 Marks
मेरा प्रिय त्यौहार : रक्षाबंधन $($राखी$)$
Answer
रक्षाबंधन भाई$-$बहन के प्रेम का एक पवित्र त्यौहार है । यह त्यौहार हर साल सावन महिने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को राखी बाँधती है । इस अवसर पर भाई अपनी बहन को कोई उपहार देता है और सदा बहन की रक्षा करने का वचन भी देता है । जनेऊ धारण करनेवाले लोग इस दिन जनेऊ बदलते है। रक्षाबंधन के बारे में अनेक पौराणिक कथाएँ प्रचलित है। एक कथा के अनुसार श्रावणी पूर्णिमा के दिन ऋषि$-$मुनि अपनी साधना की पूर्णाहुति करते थे इस दिन ऋषि राजाओं की कलाई पर राखी बाँधकर उन्हें आशीर्वाद देते थे । एक अन्य कथा के अनुसार प्राचीनकाल में देवता और दानवों के बीच में युद्ध होता था । युद्ध में देवताओं की विजय हो इसलिए देवराज इन्द्र की पत्नी शची ने सभी देवताओं को राखी बाँधी थी। रक्षाबंधन का महत्त्व सिर्फ हिन्दु धर्म के लोग ही नहीं, बल्कि मुस्लिम धर्म के लोग भी राखी के महत्त्व को जानते है। एक बार जब मेवाड़ पर बहादुरशाह ने हमला किया तब मेवाड़ की राजमाता कर्मावती ने दिल्ली के बादशाह हुमायु को भाई मानकर उसे राखी भेजी थी। राखी मिलते ही हुमायु अपनी बहन कर्मावती की रक्षा करने के लिए दौड़ पडे थे । इस तरह राखी सभी धर्म और जातियों के लोग के लिए एक पवित्र बंधन है। अब धीरे $-$ धीरे समय बदल रहा है। इस पवित्र त्यौहार को कई लोगो ने व्यवसाय बना लिया है । वे लोग धन कमाने की लालच में एक से एक कीमती राखियाँ बनाते है और कई दिखावा करनेवाले लोग ऐसी राखियाँ खरीदते है । हमें इस त्यौहार को स्नेह और पारिवारिक एकता के भाव से मनाना चाहिए। सचमुच, रक्षाबंधन सबको खुशियाँ देनेवाला एक अनोखा त्यौहार है।
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Question 158 Marks
मेरा प्रिय वैज्ञानिक : डॉ. विक्रम साराभाई
Answer
सर सी.वी.रामन, होमी भाभा, जगदीशचंद्र बोझ, अब्दुल कलाम, विक्रम साराभाई आदि जैसे अनेक महान वैज्ञानिक हमारे देश में हुए है। इन सभी वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का अपना विशेष महत्त्व है । इन सभी वैज्ञानिकों ने हमारे देश के विकास के लिए बहुत परिश्रम किया है। इन सभी वैज्ञानिकों में मेरे प्रिय वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई है। डॉ. विक्रम साराभाई का जन्म $12$ अगस्त, सन् $1912$ को अहमदाबाद में हुआ था । विक्रम साराभाई के पिता का नाम अंबालाल तथा माता का नाम सरलादेवी था । विक्रम साराभाई के पिता अहमदाबाद के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति थे। विक्रमभाई को साहसिक कारनामे करना बहुत पसंद था । गणित और भौमितिकी के विषयों में विक्रमभाई की गहरी दिलचस्पी थी । विक्रमभाई ने प्राथमिक शिक्षण अहमदाबाद में ही प्राप्त किया और उच्च शिक्षण के लिए वे इंग्लैंड गए । जहाँ उन्होंने कैम्ब्रिज से बी.एस.सी. की परीक्षा पास की । इंग्लैंड से वापस लौटकर विक्रमभाई भारत में सर सी.वी. रामन और होमी भाभा के साथ कार्य करने लगे। विक्रमभाई ने परमाणु शक्ति, अंतरिक्ष विकिरण, सूर्य, तारा, ग्रह, प्लाजमा आदि जैसे अनेक विषयों पर संशोधन कार्य किया है । विक्रमभाई ने अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला, टेक्सटाईल इंडस्ट्रीज रिसर्च एसोसियेशन, लोकविज्ञान केन्द्र और नेहरु विकास संस्थान जैसी संस्थाओं की स्थापना की है। डॉ. विक्रम साराभाई ने अपना संपूर्ण जीवन भारत तथा विज्ञान के समग्र विकास के लिए समर्पित कर दिया । इसलिए उन्हें विविध सम्मानों से सन्मानित किया गया है । विक्रमभाई को सन् $1962$ में डॉ. शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार,सन् $1966$ में पद्मभूषण तथा सन् $1972$ में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया है। $21$ दिसंबर सन् $1971$ के दिन विक्रमभाई त्रिवेन्द्रम् के लोंचिग स्टेशन थुम्बा में कार्य निरीक्षण के लिए गए थे । वही एक होटल में उनके हृदय की गति रुक जाने से उनकी मृत्यु हो गई। सचमुच विक्रमभाई हमारे देश के एक महान वैज्ञानिक और देश की सेवा करनेवाले एक उत्तम व्यक्ति थे। इसलिए विक्रमभाई मेरे प्रिय वैज्ञानिक है ।
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Question 168 Marks
डॉ. विक्रम साराभाई
Answer
डॉ. विक्रम साराभाई का जन्म $12$ अगस्त, $1912$ के रोज अहमदाबाद में हुआ था। उनके पिता का नाम अम्बालाल तथा माता का नाम सरलादेवी था। उनका परिवार बड़ा था। वे आठ भाई बहन थे । परिवार था। उनका परिवार एक प्रतिष्ठित उद्योगपति
उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा सन् $1935$ में पास की। गुजरात कॉलेज, अहमदाबाद से इंटर की पढ़ाई की। बाद में वे पढ़ने के लिए इंग्लैंड गए। उन्होंने वहाँ कैम्ब्रिज से वी.एस.सी की परीक्षा पास की। बाद में उन्हें सर सी. वी. रामन तथा डॉ. होमी भाभा का सानिध्य मिला। उन्होंने अंतरिक्ष की गहराइयों से आनेवाले रहस्यमयी कॉस्मिक किरणों पर पीएच. डी. की ।
ब्रह्मांड तथा सौरमंडल के कई प्रश्नों का उन्होंने अभ्यास किया। उन्होंने अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला और टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज रिसर्च एसोसियेशन की स्थापना की । जीवनभर वे परमाणु शक्ति, अंतरिक्ष विकिरण, सूर्य, ग्रह और तारों पर कार्य करते रहे। उनके प्रयासों से अहमदाबाद में लोकविज्ञान केन्द्र एवं नेहरु विकास संस्थान की स्थापना हुई। वे जीवनभर विज्ञान के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए कार्य करते रहे।
सन् $1962$ में उन्हें डॉ. शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार, सन् $1966$ में पद्मभूषण तथा मरणोत्तर पद्मभूषण से सन्मानित किया गया था। $21$ दिसम्बर, $1971$ को हृदय की गति रुक जाने से उनकी मृत्यु हुई।
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Question 178 Marks
पेड़ हमारे मित्र
Answer
पुराने काल से ही पेड़ मनुष्य के मित्र रहे हैं। आदिमानव पेड़ पर ही रहता था। वह पेड़ के फल खाता था और पेड़ की खाल पहनता था। पुराने काल से हम पेड़ को भगवान मानकर उसकी पूजा करते हैं। पेड़ हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं। पेड़ हमें स्वच्छ वायु और इंधन देते हैं। पेड़ हमें इमारती लकड़ी देते हैं। पेड़ के पत्तों से खाद बनती हैं।
पेड़ हमारे घरआँगन की शोभा है। पेड़ हवा को शुद्ध करते हैं। पेड़ के कारण ज्यादा बारिश होती है। यदि पेड़ कट जाएँगे तो धरती बंजर बन जाएगी। पेड़ के कट जाने से हवा भी अशुद्ध रहेगी।
सड़क के आसपास के पेड़ हमारे पर्यावरण को शुद्ध करते हैं। कई पेड़ हमें औषधियाँ भी देते हैं। पेड़ से कागज़ और दियासलाई बनाई जाती हैं। पेड़ हमें तरह$-$तरह के फल और फूल देते हैं। फल खाने के और फूल शोभा के काम आते हैं। अधिक पेड़ लगाने से अकाल का भय दूर होता है।
खेतों के चारों ओर वृक्ष लगाने से मिट्टी का संरक्षण होता है। और अनाज ज्यादा पैदा होता है। हमें सड़कों के किनारे वृक्ष लगाने चाहिए जिससे पथिकों को छया मिलेगी।
हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पेड़ काटने में जरा भी संकोच नहीं रखते, इसलिए हमारे वन$-$उपवन उजड़ रहे हैं।
पेड़ों के अभाव में वर्षा कम होती है। वृक्षों के अभाव में लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है। सचमुच, वृक्ष हमारे मित्र हैं। हमें वृक्षों को कभी नहीं काटना चाहिए। हमें वृक्षों को बचाना चाहिए, वृक्ष हमें बचाएँगे ।
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Question 188 Marks
आदर्श विद्यार्थ
Answer
विद्यार्थी जीवन परिश्रम, अनुशासन, संयम और नियम का जीवन है। किसी भी मनुष्य का भविष्य कैसा होगा यह उसके विद्यार्थी जीवन से ही जाना जाता है। प्राचीन समय में विद्यार्थी गुरुकुल में पढ़ते थे और दिन-रात गुरु के सम्पर्क में रहते थे। इस प्रकार वे संयमित और मर्यादापूर्ण जीवन के आदि हो जाते थे ।
मनुष्य के लिए विद्यार्थी जीवन का समय महत्त्वपूर्ण होता है। मनुष्य के जीवन के लिए यह उसके सर्वांगीण विकास का समय है। खेल-कूद, व्यायाम, ज्ञानप्राप्ति, चरित्रनिर्माण, आत्मनिर्भरता, कर्तव्यनिष्ठा, विनम्रता और परोपकार जैसे गुणों का इस अवधि में ही विकास होता है। कहा गया है "विद्या ददाति विनयं ।" अर्थात् विद्या से विनम्रता प्राप्त होती है। विद्यार्थी के लिए गुरु से ज्ञान पाने के तीन उपाय हैं: नम्रता, अनुशासन और जिज्ञासा । नम्रता से अनुशासन आता है।
जिज्ञासा किसी भी विद्यार्थी का विशिष्ट गुण है और अनुशासन सेवा का गुण प्रदान करता है। शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन का बड़ा महत्त्व है। अनुशासित विद्यार्थी ही आदर्श विद्यार्थी की श्रेणी में आ सकता है।
आदर्श विद्यार्थी समय पर सोना, समय पर उठना, नियमित रूप से विद्याभ्यास करना, संतुलित भोजन करना, बड़ों की संगत करना, कलुषित विचारों से दूर रहना आदि नियमों का दृढता से पालन करता है। परिश्रमी विद्यार्थी को सुख की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। परिश्रम के बिना विद्या हासिल करना असम्भव है ।
विद्यार्थी को अपना समय व्यर्थ बरबाद नहीं करना चाहिए। विद्यार्थी को अपने भविष्य में सफलता प्राप्त करने के लिए मार्ग में आनेवाल प्रत्येक कठिनाई का सामना करते हुए आगे बढ़ते रहना चाहिए, यही आदर्श विद्यार्थी की पहचान है।
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Question 198 Marks
वृक्षों की उपयोगिता
Answer
प्राचीन काल से ही मनुष्य और पेड़ के बीच संबंध रहा है। प्राचीन काल में मनुष्य अपनी रक्षा के लिए पेड़ पर रहता था। पेड़ के फल खाकर जीवन व्यतीत करता था। पेड़ के का वल के स्थान पर उपयोग करता था। पेड़$-$पौधे धरती की शोभा है। पेड़ बड़े परोपकारी होते हैं। पेड़ हमें शीतल छाया और फल$-$फूल देते हैं।
मकान और फर्नीचर बनाने के लिए जरूरी लकड़ी हमें पेड़ों से ही मिलती है। पेड़ों की जड़ों, तने और पत्तों से बहुत सी औषधियाँ बनती हैं। पेड़ों के कारण हवा शुद्ध होती है और वर्षा भी अधिक होती है।
सचमुच, पेड़ हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। पेड़ पक्षियों का घर है। पक्षी पेड़ पर ही अपना घोंसला बनाते हैं। पेड़ के फल-फूल और पत्ते पशु$-$पक्षियों का आहार है। हमारे ऋषि$-$मुनि फल खाकर जीवन बीताते थे। वे अपने शिष्यों को पेड़ के नीचे बैठकर विद्या सीखाते थे। हमारा जीवन पेड़$-$पौधों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। आज हम पेड़ों को अपने निजी स्वार्थ के लिए काट रहे हैं। इसके कारण प्रदूषण हो रहा है।
पेड़ों का विनाश होने के कारण वर्षा कम होने लगी है। पानी के अभाव में हमें कई आपत्तियों का सामना करना पड़ता है। सचमुच, पेड़ों से मित्रता बढ़ाकर ही हम सुखी और सुंदर जीवन जी सकते हैं।
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Question 208 Marks
विज्ञान से लाभ$-$हानि
Answer
यह विज्ञान के आविष्कारों का युग है। विज्ञान ने हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में क्रांति पैदा की है। विज्ञान के आविष्कारों से हमारा जीवन सुखी और सरल बन गया है।
बिजली की खोज विज्ञान की एक बहुत बड़ी सिद्धि है। बिजली हमारा भोजन पकाती है, हमें प्रकाश देती है और पंखे चलाती है। बिजली से बड़े बड़े कल$-$कारखाने चलते हैं। विज्ञान ने बस, मोटर, रेलगाडी, हवाईजहाज जैसे कई यातायात के साधन बनाए हैं। इन साधनों से हम आसानी से सफर कर सकते हैं। तार टेलिफो की सुविधा से हम पलभर में समाचार भेज सकते हैं। रेडियो और दूरदर्शन विज्ञान की अनोखी खोज हैं। रेडियो और दूरदर्शन हमें घर बैठे नई$-$नई जानकारी देते हैं। टीवी के आविष्कार से हम दूर देश के समाचार एवं भिन्न$-$भिन्न कार्यक्रम प्रत्यक्ष देख सकते हैं ।
चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने आमूल परिवर्तन किया है। तरह हैं तरह की औषधियाँ विज्ञान की देन हैं। एक्स$-$रे द्वारा शरीर के भीतरी भागों की छानबीन सरलता से हो सकती है। टीबी और केन्सर जैसे असाध्य रोगों पर आज हमने विज्ञान के द्वारा काबू पा लिया है। कृषि के लिए विज्ञान ने ट्रैक्टर, विविध प्रकार के हल और काटने छाँटने के यंत्र बनाए हैं।
विज्ञान से लाभ के साथ$-$साथ हानि भी है। विज्ञान ने युद्ध विषयक अस्त्र$-$शस्त्रों का भी आविष्कार किया है। इनके कारण हम खतरे में पड़ गए हैं। परमाणु बम और हाइड्रोजन बम विज्ञान की खोज हैं, जो हमें खतरे में डाल देती हैं।
विज्ञान मानवजाति के लिए वरदान सिद्ध हो सकता है, केवल शर्त इतनी ही है कि उसका उपयोग सजीवसृष्टि के हित के लिए ही किया जाए।
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Question 218 Marks
मेरा प्रिय वैज्ञानिक
Answer
मेरा प्रिय वैज्ञानिक माइकल फैराडे है, जिसको 'बिजली के पिता' के नाम से पहचाना जाता है।
उसका जन्म इंग्लैन्ड में $22$ सितंबर, $1791$ में हुआ था। उसका परिवार बहुत ही गरीब था। उसे खाने के लिए दिन में सिर्फ एक ही ब्रेड मिलती थी ऐसी परिस्थिति में भी वह पढ़ने के लिए लंदन गया। वहाँ उसने पुस्तकें बाँधने का काम करते$-$करते विज्ञान की किताबों का अभ्यास किया।
सन् $1813$ में 'सर हम्फ्री डेवी' ने उसकी शक्ति पहचानकर उसे अपनी प्रयोगशाला में सहायक बनाया। धीरे$-$धीरे उसका परिश्रम सफल हुआ और सन् $1816$ में उसका प्रथम संशोधनपत्र प्रकट हुआ। दस साल की मेहनत के बाद उसने साबित किया कि चुंबकत्व के माध्यम से बिजली उत्पन्न हो सकती है। इस थियरी पर उसने 'डाइनेमो' प्रस्तुत किया, जिससे अविरत बिजली पैदा होती थी। यह उसकी बेजोड़ सिद्धि थी। रसायनशास्त्र की अनेक खोजों में भी उसका योगदान हैं।
माइकल ने कभी विज्ञान की विधिपूर्वक शिक्षा नहीं पाई थी। काम के प्रति लगन और निष्ठा ने माइकल को ऊँचा उठाया। बिजली के आविष्कार के द्वारा उसने समग्र मानवजगत पर बड़ा उपकार किया है।
माइकल फेराडे जीवन का मुख्य संदेश 'लगन और कठोर परिश्रम' है। ऐसी महान विभूति की मृत्यु $25$ अगस्त, $1867$ में हुई। सदियाँ बीत जाएगी मगर माइकल फेराडे बिजली के रूप में जीवित रहेंगे।
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Question 228 Marks
दूरदर्शन से लाभ$-$हानि
Answer
टेलीविजन विज्ञान की अनोखी देन है। टेलीविजन का आविष्कार अमरिकी वैज्ञानिक एल्लन बी. ड्यूमाट ने किया था। टेलीविजन दूर-दूर के दृश्यों को हमारे सामने पेश करता है, इसीलिए इसको दूरदर्शन कहते हैं।
दूरदर्शन से लाभ : टेलीविजन हमारा मनोरंजन करता है। दूर$-$ परिश्र दूर खेले जानेवाले खेल हम घर में बैठकर देख सकते हैं। घर में में ही बैठकर नृत्य, नाटक, सीरियल, सिनेमा, कवि सम्मेलन हम देख सकते हैं।
शिक्षा की अच्छी जानकारी भी हम प्राप्त कर सकते हैं। भोजन बनाने की विधियाँ तथा हस्तकला की अनेक वस्तुएँ बनाने की जानकारी भी दूरदर्शन से प्रत्यक्ष मिलती है। दूरदर्शन के माध्यम से 'रामायण' तथा 'महाभारत' जैसी सीरियलों से हमें भारतीय संस्कृति का परिचय होता है। इस तरह दूरदर्शन के बहुत लाभ हैं।
दूरदर्शन से हानि : यदि दूरदर्शन का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से नहीं किया जाता तो उससे हानि भी होती है। लम्बे समय तक दूरदर्शन देखने से हमारी आँखें कमजोर हो जाती हैं। हमारा कीमती समय नष्ट होता है। बहुत समय तक दूरदर्शन देखने से हमारी पढ़ाई पर भी बुरा असर होता है।
पढ़ाई में हम पीछे रह जाते हैं। दूरदर्शन के मारपीट के दृश्यों का बच्चों के मन पर बुरा असर होता है। अश्लील चित्र हमारे संस्कार और संस्कृति पर बुरा असर करते हैं। यद्यपि दूरदर्शन के अच्छे$-$अच्छे कार्यक्रम देखने से लाभ होता है, लेकिन उसका ज्यादा उपयोग नुकसान करता है ।
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Question 238 Marks
मेरा प्रिय प्राणी कुत्ता
Answer
कुत्ता एक पालतू प्राणी है। कुत्ते के चार पैर होते हैं। उसके बच्चे को पिल्ला कहते है। कुत्ते की पूँछ टेढ़ी होती है। कुत्ता मिश्राहारी प्राणी है। वह दूध, रोटी, भात खाता है। वह माँस भी खाता है। कुत्ता हमारे घर और खेतों की रखवाली करता है। कुत्ता वफादार प्राणी है। वह तेज दौड़ भी सकता है। वह अंधेरी रात में चोरों को भगा देता है। शहरों में भी अमीर लोग घर तथा गाड़ी की रखवाली के लिए कुत्ते पालते हैं।
कुत्ते की सूँघने और पहचानने की शक्ति बड़ी तेज होती है। चोरों का पता लगाने के लिए हमारी पुलीस भी कुत्ते रखती हैं। बड़ी-बड़ी चोरी पकड़ने में पुलिस को कुत्ते उपयोगी होते हैं। शिकारी लोग भी कुत्ते की मदद लेते हैं। उसे नींद बहुत कम आती है। थोड़ी-सी आवाज़ आते ही कुत्ता चोंक पड़ता है।
सब जानवरों में कुत्ता समझदार और वफादार प्राणी हैं, इसलिए तो कुत्ता मेरा प्रिय प्राणी है।
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Question 248 Marks
नारी शक्ति जिन्दाबाद
Answer
नर और नारी दो समाज के पहिये हैं। भगवान ने नर और नारी दोनों को समान शक्ति दी है। नारी शक्ति ने ही असुरों का संहार किया था। पहले ऐसा माना जाता था कि पुलिस और ड्राइवर का काम सिर्फ पुरुष ही कर सकते हैं।
आज सभी क्षेत्रों में नारियाँ काम करने लगी हैं। आजकल लड़कियाँ पढ़-लिखकर पुलिस अफसर भी बनने लगी हैं। नारी शक्ति का दर्शन हमें हर क्षेत्र में देखने मिलता है। सुनिता विलियम्स तथा कल्पना चावला ने अंतरिक्ष यात्रा कर नारी शक्ति का हमें दर्शन करवाया है।
इतिहास से हमें लक्ष्मीबाई, दुर्गावती, मेडम कामा जैसी नारियों की शक्ति का पता चलता है। आज राजकीय क्षेत्र में सोनिया गांधी और सुष्मा स्वराज नारी शक्ति की प्रतीक हैं। खेलकूद क्षेत्र में भी नारी शक्ति के अनेक उदाहरण हैं।
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Question 258 Marks
बेटी है महान
Answer
पहले के जमाने में समाज में बेटे को महत्त्व दिया जाता था। बेटे को ज्यादा पढ़ाते थे। बेटी को पराया धन माना जाता था ।
आज जमाना बदल गया है। समाज में बेटे-बेटी को समान गिना जाता हैं। बेटा से बेटी कुछ कम नहीं। बेटी महान है, क्योंकि बेटी दो परिवारों को आगे बढानेवाली हैं। बेटी महान हैं। बेटी पढ़ लिखकर अपने पिता के परिवार का नाम रोशन करती है, जैसे सुनिता विलियम्स। बेटी ससुराल जाकर अपने ससुराल को भी अपनी सुझ बुझ से आगे बढ़ाती है। हमें बेटी या बेटे में भेदभाव नहीं रखना चाहिए। बेटियों को भी बेटे की तरह पढ़ने-लिखने की सुविधा देनी चाहिए।
बेटी महान तब हो सकती है, जब हम उसको सब सुविधाएँ दें। इंदिरा गाँधी होते. जवाहरलाल नेहरू की इकलौती बेटी थी, जो बेटे से भी बढ़कर निकली। लेना वल्लभभाई पटेल की बेटी मणीबहन ने भी पिता का नाम रोशन किया था। इन उदाहरणों से सिद्ध होता है कि बेटी भी महान हो सकती है।
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Question 268 Marks
मेरे प्रिय नेता - सरदार पटेल
Answer
सरदार पटेल का पूरा नाम वल्लभभाई झवेरभाई पटेल था। वल्लभभाई का जन्म $31$ अक्तूबर, $1875$ के दिन खेडा जिले के करमसद गाँव में हुआ था। उनके पिता एक देशभक्त किसान थे। वल्लभभाई ने प्राथमिक शिक्षा करमसद में और माध्यमिक शिक्षा नडियाद में ली थी।
विद्यार्थी अवस्था में वे बहुत नटखट थे। मॅट्रिक के बाद वे कॉलेज की शिक्षा आर्थिक कठिनाई के कारण पा नहीं सके। फिर उन्होंने कानून की परीक्षा पास की। तीव्र बुद्धि और मेहनती स्वभाव के कारण थोड़े ही समय में वे प्रसिद्ध वकील बन गए।
सरदार पटेल बचपन से ही बड़े साहसी और सहनशील व्यक्ति थे। वे बड़े परिश्रमी, संयमी और दृढ व्यक्ति थे। एक बार जो निर्णय कर लेते थे उसे पूरा करके ही छोड़ते थे। देशप्रेम के कारण वे वकालत छोड़कर गाँधीजी के साथ आन्दोलन में जुड़ गए। बारडोली सत्याग्र में उन्होंने किसानों का नेतृत्व किया था। इस आन्दोलन से वे देश मशहूर हुए।
इस आंदोलन की सफलता के कारण गाँधीजी ने उन् 'सरदार' की उपाधि दी आंदोलनों में भाग लेने के कारण वे अनेक बार जेल भी ग स्वतंत्रता के बाद वे भारत के प्रथम गृहमंत्री बने। उन्होंने देशी रियास को भारत गणराज्य में शामिल कर भारत को अखण्ड राष्ट्र बनाने महान कार्य किया।
वे भारत के 'लौहपुरुष' नाम से प्रसिद्ध हुए। $15$ दिसंबर, सन् $1950$ के दिन मुंबई में उनका स्वर्गवास हो गया ।
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Question 278 Marks
जल ही जीवन है
Answer
सजीव सृष्टि को जीने के लिए हवा, पानी और खुराक की ज़रूरत पड़ती है। हवा भगवान ने मुफ्त में दी है। पानी भी हमें कुदरत से मिलता है। पानी मनुष्य, पशु$-$पक्षी और वनस्पति के लिए बहुत उपयोगी है। पानी के बिना जीवन असंभव है।
पानी हमें बरसात, नदी, झरने, कुएँ आदि से प्राप्त होता है। पानी का मनुष्य विविध रूप से उपयोग करता है। पानी पीने, नहाने और कपड़े धोने के काम आता है। पानी के बिना कृषि नहीं हो सकती। पानी का उपयोग कल$-$कारखानों में होता है। बिजली पैदा करने के लिए भी पानी का उपयोग किया जाता है। आजकल जल की बड़ी समस्या पैदा हो गई है। जरूरत से ज्यादा पानी हमें नहीं बिगाड़ना चाहिए। यदि जल की कमी हो गई तो जीना मुश्किल हो जाएगा।
आजकल जल$-$प्रदूषण भी बढ़ रहा है। जल प्रदूषण मनुष्य ही करते हैं। तालाब और नदी में स्नान करने से, पशुओं को नहलाने से जल प्रदूषण होता है। गटरों का गंदा पानी नदी में बहा देने से नदी का पानी प्रदूषित होता है। शहरों के बड़े$-$बड़े कल$-$कारखानों द्वारा रसायनयुक्त गंदा पानी नदी में बहाने से नदी का पानी प्रदूषित होता है।
हैजा, मलेरिया, टाइफोईड जैसी महामारियाँ अशुद्ध जल के उपयोग से होती है। हमें सदा शुद्ध जल का ही उपयोग करना चाहिए। नदी, तालाब और सरोवरों के पानी को हमें स्वच्छ रखना चाहिए। पानी को बिगाड़कर हम अपना ही नुकसान करते हैं। यदि जल नहीं होगा तो हमारा जीना मुश्किल हो जाएगा।
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Question 288 Marks
मेरी प्रिय पुस्तक
Answer
पाठ्यपुस्तकों के साथ$-$साथ मुझे अन्य पुस्तकें पढ़ने का भी शौक है। मैं अपने विद्यालय के पुस्तकालय से कई अच्छी पुस्तकें लाकर पढ़ता रहता हूँ। इनमें से मुझे गाँधीजी की आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग सबसे अधिक प्रिय है।
गाँधीजी ने यह पुस्तक अपनी मातृभाषा गुजराती में लिखी थी। हिन्दी, मराठी और अंग्रेजी में इसका अनुवाद हुआ है। भारत की अन्य भाषाओं में भी इसके अनुवाद हुए हैं। गाँधीजी अपने जीवन में सत्य को सबसे अधिक महत्व देते थे।
'सत्य के प्रयोग' पुस्तक में गाँधीजी ने अपनी कमियों एवं बुराइयों का भी खुलकर वर्णन किया है। उन्होंने अपने धूम्रपान, मांसाहार व चोरी करने आदि के बारे में कुछ भी नहीं छिपाया। हर जगह उन्होंने अपनी गलतियों का स्वीकार किया है। उन्होंने यह भी बताया है कि किस प्रकार वे इन बुराइयों के चक्कर में फँसे और कैसे उन्होंने इनसे छुटकारा पाया गाँधीजी ने अपनी शिक्षा विलायत यात्रा, वकालत, दक्षिण अफ्रिका में सत्याग्रह तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलनों की इस पुस्तक में विस्तृत चर्चा की है। गाँधीजी के ये संस्मरण हमें सदा प्रेरणा देते रहते हैं।
इनसे हमें सीख मिलती है कि एक साधारण व्यक्ति भी किस तरह इतना महान बन सकता है। गाँधीजी अपनी सच्चाई, लगन, ईमानदारी और आत्मबल से हमारे देश के महान नेता और युगपुरुष बन गए। इन्हीं गुणों के कारण आज हम उन्हें 'राष्ट्रपिता' के रूप में याद करते हैं। इस पुस्तक की भाषा बहुत सरल और हृदय को छू लेनेवाली है। इसकी शैली भी बहुत रोचक है।
इस पुस्तक को पढ़ने से पाठक के हृदय में सत्य, अहिंसा, प्रेम, आत्मविश्वास तथा मानव सेवा के भाव जागृत होते हैं। गाँधीजी की आत्मकथा पढ़कर मुझे बहुत लाभ हुआ है। इसके प्रभाव से मैंने कई बुरी आदतों से छुटकारा पाया है।
मेरी तरह कई लोगों ने गाँधीजी की आत्मकथा पढ़कर अपने जीवन की राह बदल डाली है। यह पुस्तक मेरी मित्र, गुरु और मार्गदर्शक बन गई है। मैं चाहता हूँ कि प्रत्येक भारतीय गाँधीजी की आत्मकथा अवश्य पढ़े।
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Question 298 Marks
होली का त्योहार
Answer
होली का त्योहार हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली हमारा सामाजिक त्योहार है। होली दो दिनों का त्योहार है।होली के दूसरे दिन धुलेंडी का त्योहार आता है। होली के विषय में एक दंतकथा प्रसिद्ध है।
किसी समय हिरण्यकशिपु नामक एक दुष्ट राजा था। उसका बेटा प्रहलाद भगवान का बड़ा भक्त था। हरिण्यकशिपु अपने को भगवान मानता था। बेटा भगवान का नाम ले यह उसे पसंद नहीं था। अपने बेटे को मारने के लिए हिरण्यकशिपु ने कई प्रयत्न किए, पर प्रह्लाद का बाल भी बाँका नहीं कर सका।
प्रहलाद को मारने के लिए हिरण्यकशिपु ने अपनी बहन होलिका से मदद माँगी। होलिका को वरदान था कि आग उसे जला नहीं सकती थी। होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठ गई। प्रहलाद तो बच गया और होलिका जलकर राख हो गई। भक्त प्रहलाद के बच जाने की खुशी में यह त्योहार मनाया जाता है।
होली के दिन शाम को लकड़ियाँ, घास$-$फूस और गोबर के उपले इकट्ठे कर जगह-जगह होली जलाई जाती है। होली के दिन कई लोग उपवास करते हैं। वे होली का दर्शन करने के बाद भोजन करते हैं। गाँव के लोग गेहूँ, जौ और चने की नई बालियाँ होली र की आग में भूनकर खाते हैं। होली की आग में भूने हुए अन्न को 'होला' कहते हैं।
होली नए अन्न के स्वागत का त्योहार है। 'होली के दूसरे दिन धुलेंडी का त्योहार मनाया जाता है। धुलेंडी के दिन लोग अपने सगे-संबंधियों का स्वागत अबीर गुलाल और रंग से करते हैं। इस दिन छोटे$-$बड़े का भेद नहीं रहता। इस त्योहार में लोग खजूर, मूगफली, चने खाते हैं। बच्चों के लिए यह आनंद द का त्योहार है।
बच्चे हाथों में पिचकारी लेकर एक$-$दूसरे पर रंगीन र पानी उड़ाते हैं। त्योहार हमें भाईचारे और आनंदमय जीवन जीने का संदेश देता है।
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Question 308 Marks
एक ऐतिहासिक स्थल की यात्रा
Answer
दीपावली की छुट्टियों में अपने कुटुम्ब के साथे दिल्ली-आगरा प्रवास का आयोजन हुआ था। हम दिल्ली होकर आगरा पहुँच गए। दूर से ही ताजमहल के गुम्बद तथा मीनारों की झलक पाकर हमारे शरीर में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई।
सबसे पहले हमने देखा लाल पत्थर का बना दरवाजा उसके दोनों ओर खड़ी इमारत की शिल्पकला और दीवारों पर कुरान शरीफ की आयात खुदी हुए देखीं। बगीचे में हरी$-$हरी घास गालीचे जैसी लगती थी। उसके बीचोबीच फव्वारों की पंक्ति थी। मार्ग के दोनों ओर आसमान तक ऊँचे वृक्ष थे। ताजमहल सफेद संगमरमर से बनाया गया है। उसका गोल गुम्बद विशाल और मनोहर है। ताज के चारों कोनों पर चार मिनार सिर ऊँचा किए खड़े है। वे भी श्वेत संगमरमर के बने हैं।
ताजमहल इस कुशलता से बनाया गया है कि कहीं भी कोई जोड नजर नहीं आती। ताजमहल के पीछे यमुना नदी बहती है। उसके निर्मल जल पर पडता ताजमहल का प्रतिबिम्ब बहुत सुहावना लगता है। ताज का असली सौन्दर्य रात के समय चाँदनी में निखर उठ है। हमने गत की चाँदनी में बैठकर ताज देखा। बेगम मुमताज मरने के बाद बादशाह शाहजहाँ ने उसकी याद में यह मकबरा बनाया था। ताजमहल हमारे देश के स्थापत्य का अद्भुत नमूना है।
उसे देखने के लिए दूर$-$दूर से लोग आते हैं। मैं भी ताजमहल को देखने के बाद आज तक भूल नहीं सका।
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निबंध - हिंदी STD 7 Questions - Vidyadip