रोग का प्रारम्भ - इसका प्रारम्भ चीन के वूहान, हुबई के पशु-मांस मण्डी से हुआ। ऐसा माना जाता है कि सर्वप्रथम यह रोग चमगादड़ से मनुष्य में फैला। कारण जो भी हो। यह एक महामारी है जो संसार के कई देशों में कोविड-19 के नाम से फैली है।
प्रसारण एवं लक्षण - इसका प्रसारण मुख्य रूप से 6 फीट की सीमा के भीतर खाँसी व छींकों के माध्यम से रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में होता है। इसके सामान्य मुख्य लक्षण लार का बनना, साँस लेने में तकलीफ, गले में खराश, सिर दर्द, ठण्ड लगना, जी मिचलाना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द आदि हैं।
रोकथाम व बचाव के उपाय-
(1) यात्रा करने से बचना चाहिए, घर में ही रहना चाहिए।
(2) मास्क का उपयोग करना चाहिए।
(3) हाथों को बार-बार लगभग 20 सैकण्ड तक साबुन से धोते रहना चाहिए तथा दूरी बनाकर रहना चाहिए।
(4) बार-बार आँख, नाक, मुँह को छूने से बचना चाहिए।
रोग का उपचार-इस रोग से बचने के लिए -
(1) पूरे दिन गर्म एवं गुनगुना पानी पीना चाहिए।
(2) 30 मिनट योगासन, प्राणायाम और ध्यान करना चाहिए।
(3) भोजन पकाने में हल्दी, जीरा, धनिया, लहसुन, अदरक आदि का प्रयोग नियमित रूप से करना चाहिए।
(4) मादक पदार्थों से दूर रहना चाहिए।
(5) सुपाच्य भोजन करना चाहिए।
(6) ठण्डी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
(7) डॉक्टर की सलाह अनुसार दवा लेनी चाहिए।
उपसंहार-कोरोना एक महामारी है। इससे मृत्यु दर बढ़ी है। अब इसके इलाज के लिए भारत सहित संसार के अन्य देशों ने वैक्सीन की खोज कर ली है। वैक्सीन के माध्यम से अब इसका उपचार भी प्रारम्भ हो गया है।
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