कानपुर के नाना की मुँहबोली बहन ‘छबीली’ थी,
लक्ष्मीबाई नाम, पिता की वह संतान अकेली थी,
नाना के संग पढ़ती थी वह, नाना के संग खेली थी,
बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी,
वीर शिवाजी की गाथाएँ
उसको याद ज़बानी थीं।
बुंदेले हरबोलों के मुँह
हमने सुनी कहानी थी।
खूब लड़ी मर्दानी वह तो
झाँसीवाली रानी थी॥
QUESTION:
Q.1. इस काव्यांश में लक्ष्मीबाई के जीवन के किस काल का चित्रण मिलता है?
(A) बाल्यकाल का (B) युवाकाल का (C) प्रौढ़ अवस्था का (D) इनमें से कोई नहीं
Q.2. यह कविता किस काल के बारे में है?
(A) वर्ष 1885 (B) वर्ष 1857 (C) वर्ष 1757 (D) वर्ष 1947