Question
प्राथमिक तथा द्वितीयक बाजार में दो अन्तर बतलाइये।

Answer

(1) विक्रय-प्राथमिक बाजार में नई प्रतिभूतियों का विक्रय होता है, जबकि द्वितीयक बाजार में केवल निवर्तमान शेयरों का ही व्यापार होता है।
(2) पूँजी निर्माण-प्राथमिक बाजार में कोष बचतकर्ताओं से निवेशकों को जाता है, अर्थात् प्राथमिक बाजार प्रत्यक्ष रूप से पूँजी निर्माण को बढावा देता है, जबकि द्वितीयक बाजार शेयरों को रोकड़ में परिवर्तनीयता (तरलता) को बढ़ाती है। अर्थात् द्वितीय बाजार परोक्ष रूप से पूँजी निर्माण को बढ़ावा देता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

नियन्त्रण किस प्रकार बेहतर समन्वय स्थापित करने में नियोजन में सहायक होता है? समझाइये।
प्रबन्ध के सामाजिक उद्देश्यों को संक्षेप में समझाइये।
धीरज टिफ्को-लिमिटेड में संचालक प्रबन्धक के रूप में कार्य कर रहा है। उस प्रबन्धकीय स्तर का नाम बतलाइये, जिस स्तर पर वह कार्य कर रहा है। किन्हीं चार कार्यों का उल्लेख कीजिये जो इस कम्पनी में 'संचालक प्रबन्धक' के पद पर वह सम्पन्न करेगा।
प्रबन्ध के विभिन्न स्तरों को चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए। 
प्रबन्ध के सिद्धान्त में एफ. डब्ल्यू. टेलर तथा हेनरी फेयोल के योगदान को संक्षेप में समझाइये। 
औपचारिक संगठन के प्रमुख दोष बतलाइये।
एक उपक्रम में कर्मचारियों एवं प्रबन्धकों के लिए प्रशिक्षण एवं विकास क्यों आवश्यक है ? किन्हीं चार कारणों को स्पष्ट कीजिए।
संगठन को परिभाषित कीजिए।
एक विक्रेता के रूप में, आप द्वारा विक्रय संवर्द्धन हेतु प्रयोग में लाई जाने वाली किन्हीं दो क्रियाओं को समझाइए।
नियन्त्रण प्रबन्ध प्रक्रिया का प्रारम्भिक और अन्तिम दोनों प्रकार का कार्य है। स्पष्ट कीजिए।