आलिंगन में आते-आते मुसक्या कर जो भाग गया।
जिसके अरुण-कपोलों की मतवाली सुदरं छाया में।
अनुरागिनि उषा लेती थी निज सुहाग मधुमाया में।
उसकी स्मूति पाथेय बनी हे थके पथिक की पंथा की।
(i) कवि जिस सुख की कल्पना कर रहा था, वह केसा है?
क) क्षणिक
ख) दीर्ध
ग) स्मृति
घ) मधुमाया
(ii) कवि के सुखपूर्वक जीवन जीने की कल्पना क्यों समाप्त हो गई?
क) क्योंकि उसका जीव छोटा-सा
ख) क्योंकि उसकी प्रेयसी की मृत्यु था हो गई थी
ग) क्योंकि वह जीवन जीना नहीं
घ) क्योंकि उसे सोना था चाहता था
(iii) कवि ने पद्यांश में किसके सौन्दर्य का वर्णन किया है?
क) मित्रों के
ख) प्रेयसी के
ग) जीवन के
घ) स्वयं के
(iv) कवि के लिए उसकी प्रेयसी की स्मृति क्यों महत्वपूर्ण है?
क) क्योंकि वह अब दूर जा चुकी है
ख) क्योंकि वह उसके जीवन जीने का एकमात्र सहारा है
ग) क्योंकि वह उन्हें बांटना चाहता है
घ) क्योंकि वह उसे भुलाना नहीं चाहता
(v) पद्यांश में पथिक शब्द का प्रयोग किसके लिए हुआ है?
क) कवि के लिए
ख) कवि के सम्बंधियों के लिए
ग) कवि के मित्रों के लिए
घ) कवि की प्रेयसी के लिए